पश्चिम बंगाल में 12 फीसदी गर्भवती महिलाएं डायबिटीज से पीड़ित


कोलकाता। भारत में अब महिलाओं के गर्भावस्था के दौरान होने वाला गेस्टेशनल डायबिटीज बड़े खतरे के रूप में सामने आया है। इसकी जानकारी तथा पहचान आसानी से नहीं हो पाती है। डायबिटीज के रोकथाम के लिए काम कर रहे एनजीओ डायबिटीज जागरूकता एवं आप (डे) के द्वारा किए गये अध्ययन में बताया गया है कि देश में गेस्टेशनल डायबिटीज तेजी से बढ़ रहा है। यह बीमारी मां के साथ-साथ गर्भवस्थ शिशु को भी प्रभावित करती है।
अध्ययन रिपोर्ट के अनुसार राज्य में ११.६९ प्रशित गर्भवती महिलाएं गेस्टेशनल डायबिटीज से पीड़ित हैं। यह उपचार की गई संख्या से दुगुनी है। विशेषज्ञों को संदेह है कि पश्चिम बंगाल में किशोरों में बढ़ रही डायबिटीज की बीमारी के पीछे मुख्य कारण यही है। एक महिला को ७५ ग्राम ग्लूकोज देने के दो घंटे के बाद उसका ब्लड सुगर १२० मिली ग्राम प्रति लीटर बढ़ गया था। जांच करने पर महिला को गेस्टेशनल डायबिटीज से पीड़ित पाया गया। इसका उपचार आमतौर पर डायबिटीज से अलग होता है।