पद्मनाभ स्वामी मंदिर के बिना खुले तहखाने पर नजरें


तिरुवनंतपुरम। केरल के प्रसिद्ध श्री पद्मनाभ स्वामी मंदिर में संपत्ति की सूची बना रहे पैनल ने मंदिर की गुप्त तिजोरी को खोलने की अपील की है। वहीं इस मंदिर का संचालन करने वाले शाही परिवार, भक्तों का एक समूह और मंदिर प्रशासन ने मजबूती के साथ बी तहखाने को खोले जाने का विरोध किया है। १६वीं शताब्दी का यह मंदिर में त्रावणकोर के पूर्व शासकों का शाही मंदिर हुआ करता था। पांच साल पहले इसके छह तहखानों में से एक को खोला गया था, जिसे बाद में ‘ए’ कोड नाम दिया गया था। इसमें से एक लाख करोड़ कीमत के टनों सोने के सिक्के, आभूषण और हीरे मिले थे। केरल का यह मंदिर तिरुवनंतपुरम में ाqस्थत है और इसे देश का सबसे धनी मंदिर माना जाता है। यह उन िंहदू धर्मस्थलों में से है, जहां जबरदस्त मात्रा में सोने और बहुमूल्य धातुओं का खजाना है। इस खजाने के उपयोग को लेकर देशभर में चर्चा हो रही है कि उसका उपयोग वैâसे किया जाए।
कई मंदिरों ने र्धािमक प्रतिबंधों का हवाला देते हुए अपने सोने को अधिकारियों के पास जमा कराने से इंकार कर दिया है। इसके साथ ही मंदिर अधिकारियों का कहना है कि यह राशि भक्तों द्वारा किए गए पवित्र दान से मिली है, इसलिए उसे लौटाया नहीं जा सकता है। साल २०११ में शीर्ष अदालत ने गुप्त ‘बी’ तहखाने को खोलने की बात को तब तक के लिए टाल दिया था, जब तक ‘ए’ तहखाने से मिले खजाने की पेâहरिस्त नहीं बन जाती है।