पत्रकारिता पर नकेल : नियामक निकाय बनाएगी मोदी सरकार


नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार देश में पत्रकारिता एवं मास कम्युनिकेशन संस्थानों के लिए नियामक निकाय के रूप में संचार (कम्युनिकेशन) विश्वविद्यालय स्थापित करने पर योजना बना रही है। सूत्रों के मुताबिक सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय प्रिंट मीडिया, रेडियो, एनीमेशन, टीवी एवं उद्योग के अन्य उप क्षेत्रों से संबंधित विभिन्न संस्थाओं एकल स्थापना सेवा के अंतर्गत लाने के लिए पहले ही काम शुरू कर चुका है। शासकीय सूत्रों के मुताबिक कम्युनिकेशन विश्वविद्यालय एक निकाय के रूप में विचार किया जा रहा है। जोकि पत्रकारिता एवं संबंधित विषयों के लिए पाठ्यक्रम का नियामन एवं मानकीकरण करेगी। एक नियामक के बारे में सुझाव कथिततौर पर स्वयं प्रधानमंत्री के द्वारा दिया गया था। मोदी ने एक भाषण में मीडिया को समालोचना का सर्वोत्तम साधन बताया था लेकिन उन्होंने काम-काज में विश्वसनीयता के लिए आगाह किया था। यूपीए सरकार के शासनकाल के दौरान भी सूचना एवं प्रसारण मंत्री द्वारा इसी तरह के सुझाव पर विचार किया गया था। अगस्त २०१३ में वेंâद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने पत्रकारों के लिए एक मुख्य परीक्षा पर जोर दिया था जैसा कि अदालत में प्रैक्टिस करने के लिए ‘बार एक्जाम‘ होता है।