पत्थरबाजी से परेशान कश्मीरी सुरक्षाबल


श्रीनगर। दक्षिण कश्मीर के सुरक्षाबल इन दिनों पत्थरबाजी से परेशान है। दरअसल, उनका मुठभेड़ों और तलाशी अभियानों के दौरान लोगों की तरफ से विरोध किया जाता है।
जानकारी के अनुसार कश्मीर घाटी में पिछले महीने पुलिस द्वारा मुठभेड़ और तलाशी अभियानों के दौरान लोगों विशेषकर परिजनों से उनके बच्चों को मुठभेड़ स्थलों से दूर रखने के लिए जारी सलाहकार के बावजूद दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिला में लोगों द्वारा इस सलाह का उल्लंघन किया जा रहा है। पिछले एक सप्ताह से सुरक्षाबलों को जिला में घेराबंदी और तलाशी अभियानों के दौरान कई बार युवकों से पत्थरबाजी का सामना करना पड़ा है। कुछ दिनों पहले पुलिस के एस.ओ.जी. और सेना के ५३ आर.आर. को जिला के गोसु गांव में उस समय अभियान को समाप्त करना पड़ा जब लोगो ने उनपर पत्थराव किया। यहां तक कि आतंकियों को पकड़ने के लिए सुरक्षाबलों ने गांव के चारों ओर तारों को बिछा दिया था लेकिन सुरक्षाबलों के अभियान को नाकाम करने के बड़े पैमाने पर लोग सड़कों पर उतर आए।
घटना के अगले दिन ५५ आर.आर. सहित सुरक्षाबलों जिला के करीमाबाद गांव में घेराबंदी करके तलाशी अभियान चलाया लेकिन लोगों ने उसको भी नाकाम कर दिया। गांव में आतंकियों की मौजूदगी के बारे में खुफिया जानकारी मिलने के बाद सुरक्षाबलों ने घेबाबंदी की। इस दौरान उन्होंने जैसे ही तलाशी अभियान शुरु किया बडे पैमाने पर लोग विशेषकर युवक सड़कों पर उतर आए और सुरक्षाबलों पर पत्थराव किया। पत्थरबाजी कई घंटों तक जारी रही जिसके परिणामस्वरुप सुरक्षाबलों को अभियान समाप्त करना पड़ा। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि हां, कुछ लोगों ने अभियान के दौरान िंहसा का सहारा लिया लेकिन हमने किसी भी तरह के नुकसान से बचने के लिए अत्यंत संयम बरता। यह एक गंभीर मुद्दा है और एक कुशल तरीके से निपटने की कोशिश करने की जरुरत है।