पठानकोट हमले पर पाक की टालमटोली


नई दिल्ली। पाकिस्तान में हाफिज सईद की धमकी के बाद यह साफ हो जाने पर कि पठानकोट हमला पाक की ही जमीन से हुआ था, पाकिस्तान का रुख अब टालमटोली वाला ऩजर आ रहा है ।
जैसे-जैसे वक्त गुजरता जा रहा है वैसे-वैसे यह साफ होता जा रहा है कि एक बार फिर से पाकिस्तान नाकारात्मक नजरिया पेश कर रहा है। इस बार भी पाकिस्तान का रुख वैसा ही नजर आ रहा है जैसा मुंबई हमले के दौरान रहा।
जो सूचना भारत की तरफ से उपलब्ध कराई गई है उसके आधार पर कम से कम एफआईआर तो करना चाहिए था, तभी तो कार्रवाई होगी। पूरी साजिश का ताना-बाना पाकिस्तान में बुना गया है ऐसे में सबूत वहां होंगे जिसकी पड़ताल की जानी चाहिए। बिल्कुल यह मामला उसी दिशा में जा रहा है जैसा २६/११ मुंबई हमलों का मामला गया था। विशेषज्ञ कहते हैं कि इस बार पाकिस्तान के सामने आखिरी मौका है यह साबित करने का कि वह आतंकवाद के खात्मे को लेकर कितना गंभीर है। पाकिस्तान के इस रवैये के लिए चाहे वहां की सेना जिम्मेदार हो या फिर वहां की खुफिया एजेंसी आईएसआई या फिर दहशतगर्दों का वहां की र्धािमक राजनीति में दखल, लेकिन इसका खामियाजा पूरे पाकिस्तान को उठाना पड़ेगा।