नोटबंदी : बैंकों में आया बैन करेंसी का 97 प्रतिशत


नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ८ नवंबर २०१६ को लागू किए गए नोटबंदी के पैâसले के बाद बैन हो चुके ५०० और १००० रुपये के पुराने नोटों का करीब-करीब पूरा हिस्सा वापस बैंिंकग सिस्टम में आ चुका है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, बैन की गई करंसी को जमा कराने की जो अवधि थी, उस वक्त तक इस करेंसी का ९७ प्रतिशत बैंकों में जमा कराया जा चुका है। ऐसा होना मोदी सरकार के लिए झटके की तरह है क्योंकि नोटबंदी के जरिए कालेधन और फर्जी नोटों को सिस्टम से बाहर करने की बात कही गई थी। बैंकों में इन पुराने नोटों को जमा कराने की अवधि ३० दिसंबर तक थी। इस मामले पर नजर रखने वाले लोगों का कहना है कि इस अवधि तक बैंकों में १४.९७ लाख करोड़ रुपये (२२० अरब डॉलर) जमा कराए जा चुके हैं। इससे पहले सरकार ने अनुमान लगाया था कि कुल १५.४ लाख करोड़ रुपए की जो मुद्रा बाजार में है, उसमें से ५ लाख करोड़ रुपए की मुद्रा कालेधन के रूप में है और नोटबंदी के पैâसले के बाद यह बेकार हो जाएगी और वापस सिस्टम में नहीं आएगी। लेकिन ऐसा होता दिखाई नहीं दे रहा है। नोटबंदी के कारण पिछले महीनों में आम लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा है। वैâश की किल्लत बनी रही और आम लोग एटीएम और बैंकों में लाइन में खड़े रहे। इसकी वजह से र्आिथक विकास को भी चोट पहुंची है और कई क्षेत्रों में इसका व्यापक असर देखने को मिला है। हालांकि, तमाम परेशानियों के बावजूद आम लोग मोदी सरकार के इस पैâसले का लगातार समर्थन करते आ रहे हैं। अब, जब यह साफ हो रहा है कि इस कदम से कालेधन पर चोट नहीं पहुंची तो निाqश्चत तौर पर इस कदम पर सवाल खड़े होंगे।