नोटबंदी के बाद जमा हुए कालेधन का ब्यौरा दे सरकार


वित्त मंत्रालय से केंद्रीय सूचना आयोग ने 30 दिन मांगा जबाब

नई दिल्ली (ईएमएस)। बीती साल केंद्र सरकार द्वारा जारी की गई नोटबंदी के बाद जमा हुए काले धन को लेकर केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) ने वित्त मंत्रालय से सरकार द्वारा जुटाए गए कुल कालेधन का ब्योरा देने को कहा है। मंगलवार को सीआईसी ने वित्त मंत्रालय को इस बारे में एक साल पहले के सूचना के अधिकार (आर.टी.आई.) आवेदन का जवाब देने का निर्देश दिया है। माथुर ने कहा कि इस विभाग के सी.पी.आई.ओ. या संबंधित प्रमुख को भविष्य में सावधानी बरतने को कहा है और भविष्य में आर.टी.आई. कानून की समयसीमा का अनुपालन करने को कहा है। माथुर ने राजस्व विभाग के सीपीआईओ को आरटीआई कानून के तहत इस आदेश के 30 दिन के भीतर जवाब देने का निर्देश दिया है। हालांकि मुख्य सूचना आयुक्त आर के माथुर ने प्रधानमंत्री कार्यालय पर जुर्माना नहीं लगाया है क्योंकि उसके अधिकारियों ने आर.टी.आई. आवेदन का जवाब देने में देरी के लिए माफी मांग ली है। मालूम हो कि आर.टी.आई. कानून के तहत केंद्रीय लोक सूचना अधिकारी (सीपीआईओ) ने यदि किसी आर.टी.आई. आवेदन का जवाब 30 दिन के भीतर नहीं दिया है, तो आयोग को उस पर जुर्माना लगाने का अधिकार है।
गौरतलब है कि खालिद मुंदापिल्ली ने 22 नवंबर, 2016 को आर.टी.आई. कानून के तहत प्रधानमंत्री कार्यालय से इस सवाल का जवाब मांगा था। इससे कुछ दिन पहले 8 नवंबर, 2016 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1,000 और 500 के नोट बंद करने की घोषणा की थी। मुंदापिल्ली के आवेदन का 30 दिन में जवाब नहीं दिया गया। उसके बाद 9 जनवरी, 2017 को उन्होंने आयोग के पास पीएमओ की शिकायत की। मुंदपिल्ली ने आयोग को बताया कि पीएमओ द्वारा उनका मामला राजस्व विभाग के पास भेजे जाने के एक साल बाद भी उनके आर.टी.आई. आवेदन का जवाब नहीं दिया गया है।