निर्भया कांड से भारत में महिला पर्यटकों की संख्या घटी


नईदिल्ली। भारत में दिसंबर २०१२ में हुए निर्भया कांड के बाद से ही महिला पर्यटकों की आवक लगातार घट रही है. व्यापार संगठन एसोचैम और पर्यटन एजेंसियों ने सुरक्षा परिदृश्य को इसकी प्रमुख वजह बताया है.संसद की एक स्थायी समिति ने भी इसके लिए विदेशी पर्यटकों की सुरक्षा, कुशल श्रमशक्ति, रहने के लिए जगह के अभाव और आधारभूत ढांचे की कमी को जिम्मेदार ठहराया है.
दिल्ली में दिसंबर २०१२ में चलती बस में एक छात्रा के साथ सामूहिक बलात्कार के बाद खासकर विदेशी महिला पर्यटकों की आवक में भारी गिरावट दर्ज की गई थी. इस कांड के बाद अगले तीन महीनों के दौरान यह गिरावट ३५ फीसदी थी. बाद में हालत में मामूली सुधार आया. लेकिन इसे उत्साहजनक नहीं कहा जा सकता. महिला पर्यटकों की आवक में वर्ष २०१३ में ११.६ फीसदी वृद्धि दर्ज की गई थी लेकिन अगले साल यानी २०१४ में यह घट कर ९.७ फीसदी रह गई. इस दौरान कुल विदेशी पर्यटकों की आवक में तो १० फीसदी इजाफा दर्ज किया गया. लेकिन महिलाओं की तादाद लगातार घटती रही. विदेशी महिलाओं के खिलाफ बढ़ता अपराध भी इसकी एक प्रमुख वजह रहा. नेशनल क्राइम रिकाड्र्स ब्यूरो के आकड़ों के मुताबिक, बीते साल के दौरान विदेशी महिला पर्यटकों के साथ हुए कुल ३८४ मामले दर्ज किए गए. इनमें सबसे ज्यादा मामले १३५ मामले राजधानी दिल्ली में हुए. उसके बाद गोवा (६६) और उत्तर प्रदेश (६४) का स्थान रहा. पर्यटन एजेंसियों का कहना है कि जब दिल्ली में ही विदेशी महिलाएं सुरिक्षत नहीं हैं तो बाकी जगहों की ाqस्थति समझी जा सकती है.
पर्यटन उद्योग से जुड़े सूत्रों का कहना है कि खासकर निर्भया कांड के बाद विदेशी महिलाएं भारत की बजाय मलेशिया, िंसगापुर, दुबई और श्रीलंका जैसे देशों को तरजीह दे रही हैं. उनका कहना है कि सुरक्षा इसकी एकमात्र नहीं लेकिन सबसे बड़ी वजह है. संसद की एक स्थायी समिति ने महिला पर्यटकों की घटती आवक के लिए सुरक्षा, पर्यटन उद्योग में प्रशिक्षित कामगारों के अभाव, रहने के समुचित स्थान की कमी, पर्यटन स्थलों पर साफ-सफाई की कमी, पर्यटन मंत्रालय की ओर से धन के समुचित इस्तेमाल और निजी निवेशकों समेत विभिन्न वेंâद्रीय मंत्रालयों की ओर से पर्यटन क्षेत्र को विकसित करने की इच्छाशक्ति की कमी जैसे कई कारण गिनाए हैं. हाल में संसद में पेश इस रिपोर्ट में वृद्धि दर में लगातार होने वाली इस गिरावट पर िंचता जताते हुए सरकार से इस पर अंकुश लगाने के लिए शीघ्र प्रभावी कदम उठाने को कहा गया है.