दो सालों में ट्रेनों और स्टेशनों पर अपराध बढ़े


नई दिल्ली । पिछले दो सालों में ट्रेनों और स्टेशनों पर अपराधों में वृद्धि हुई है। रेल मंत्रालय के आंकड़े के अनुसार २०१४ में ट्रेनों में १३,८१३ अपराध हुए थे। यह संख्या २०१५ में बढ़कर १७,७२६ हो गई। इसी तरह २०१४ में रेल परिसरों में ८,०८५ अपराध हुए और २०१५ में यह संख्या बढ़कर ९,६५० हो गई।
रेल मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि रेलवे की सुरक्षा एवं संरक्षा का ढांचा मजबूत करना एक अनवरत प्रक्रिया है और इन पहलुओं को सुधारने के लिए विभिन्न कदम उठाए जा रहे हैं। देश भर के २०२ संवेदनशील स्टेशनों पर निगरानी तंत्र मजबूत करने के लिए सीसीटीवी, अभिगमन नियंत्रण और तोड़फोड़ विरोधी जांच से जुड़ी एक एकीकृत सुरक्षा प्रणाली को मंजूरी दे दी गई है।
अधिकारी ने कहा कि खतरे की धारणा को आधार में रखकर और निगरानी को मजबूत करने के उद्देश्य से रेलवे ने विभिन्न स्टेशनों पर ५,३६७ सीसीटीवी वैâमरे लगाए हैं। इस समय हर दिन २,३०० ट्रेनों में आरपीएफ कर्मी जबकि २,२०० ट्रेनों में जीआरपी कर्मी तैनात होते हैं। यात्रियों को किसी भी समय सुरक्षा संबंधी मदद उपलब्ध कराने के लिए पूरे देश में एक रेलवे सुरक्षा हेल्पलाइन १८२ चालू की गई है।