दिव्यांगों को मिलेंगे आधुनिक कृत्रिम अंग


बरेली । सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री थावर चंद गहलोत ने कहा कि अब दिव्यांग सामान्य लोगों की तरह ही काम कर सवेंâगे। जर्मनी व ब्रिटेन में ऐसी तकनीक ईजाद की गई है जिससे कृत्रिम अंग भी सामान्य अंगों जैसा काम करेंगे। इनके कृत्रिम होने का अंदाजा भी नहीं लगाया जा सकेगा। इन देशों से ये अंग लेकर जल्द ही दिव्यांगों को लगाए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि साढ़े तीन लाख दिव्यांगों को रोजगार के अवसर व उपकरण दिए जाएंगे। सवा लाख बैंक की शाखाएं अनुसूचित जाति के दो लोगों को औद्योगिक इकाई स्थापना के लिए ऋण देगी। इसमें एक महिला उद्यमी का शामिल होना अनिवार्य है। इस तरह लगभग ढाई लाख लोग इस योजना से लाभााqन्वत हो सवेंâगे। उन्होंने विदेश जाने वाले छात्रों को विशेष सुविधाएं भी मुहैया कराने की बात कही। कहा कि पहले ६० लोगों को सुविधा दी जाती थी, अब १०० लोगों को आवागमन के दौरान किराया आदि दिया जाएगा।
र्सिकट हाउस में मीडिया से बातचीत में वेंâद्रीय मंत्री ने कहा कि किसी का मुंह काला करना या फिर महिला को निर्वस्त्र करने समेत कई सामाजिक प्रताड़नाओं के लिए अब अलग से कानून बन रहा है। अब इन घटनाओं को अपराध की श्रेणी में रखा जाएगा। देश भर के २५० सफाई कर्मचारियों को मोटर ड्राइिंवग, जूडो-कराटे आदि का प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही दिव्यांगों को छात्रवृति भी दी जाएगी। कई ओबीसी जातियों को एससी में शामिल करने के प्रस्ताव को रोकने के सवाल पर कहा कि राज्यसभा ने असहमति जताई है। उन जातियों के साथ ऐसा कोई साक्ष्य नहीं मिला कि वह छुआछूत की श्रेणी में शामिल थीं। इस कारण संसद ने अस्वीकार कर दिया।