दिल्ली में महंगी हो सकती है बिजली: डीईआरसी


-बिजली की दरें १५ फीसदी बढ़ा सकता है डीईआरसी
नई दिल्ली। केजरीवाल सरकार हर रोज एक के बाद एक अपने चुनावी वादों को पूरा करने की कोशिश में लगी हुई है। लेकिन इस बीच आम आदमी पार्टी को डीईआरसी को बिजली का करंट लग सकता है। डीईआरसी बिजली की दरें १० से १५ फीसदी बढ़ा सकता है। बिजली की दरें बढ़ाने पर डीईआरसी ने कहा है कि बिजली का लागत मूल्य बढ़ गया है। आम आदमी पार्टी ने चुनाव में बिजली के दाम ५० फीसदी घटाने का वादा किया था। पिछले साल नवंबर में दिल्लीवासियों को महंगी बिजली का करंट नहीं लगा था क्योंकि उस समय डीईआरसी ने खरीद समायोजन शुल्क (पीपीएसी) को घोषणा के एक गदिन बाद ही वापस ले लिया था। लेकिन एक बार फिर दिल्ली वालों को महंगी बिजली मिलने की उम्मीद है क्योंकि पीपीएसी अब छह महीनों के लिए एक नियामक संस्था द्वारा तय किया जाएगा। अगले महीने ऐसा कोई फैसला आ सकता है।
अनुमान है कि पीपीएसी के बढ़ने से बिजली की दरें १० से १५ फीसदी बढ़ जाएंगी। इसके अलावा डीईआरसी ने यह भी इशारा किया कि २०१५-१६ के वितरण के टैरिफ के लिए भी जांच चल रही है और संशोधित टैरिफ के अप्रैल तक एलान होने की संभावना है। डीईआरसी शुल्कों में बढ़ोत्तरी की अनुमति करता है, जिससे बिजली दरों में ५० प्रतिशत तक की कमी करने में दिक्कत होगी। मुख्यमंत्री केजरीवाल ने अपने कार्यकाल के पहले ही दिन वित्त एवं उर्जा विभाग को निर्देश दिए कि वे नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) द्वारा निजी बिजली वितरण कंपनियों का ऑडिट पूरा होने तक बिजली की दरों में ५० फीसदी कटौती के चुनावी वादे को लागू करने के लिए अपने प्रस्ताव भेजें। दिल्ली की केजरीवाल सरकार विशेषज्ञों की एक टीम बनाएगी जो आम आदमी पार्टी की तरफ से चुनाव में किए गए ७० वादों को पूरा करने में मदद करेगी।
आप ने चुनाव से पहले बिजली के बिलों में कटौती, फ्री पानी और शहर में १.५ लाख सीसीटीवी लगाने का वादा किया था। विशेषज्ञों की यह टीम मुख्यमंत्री कार्यालय का हिस्सा होगी दिल्ली सरकार में काम करने वाला कोई भी अस्थाई कर्मचारी नहीं हटाया जाएगा। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपने कामकाज के दूसरे दिन दूसरा बड़ा फैसला लिया। दिल्ली सरकार के दफ्तरों में ठेके पर काम करने वाले कर्मचारियों को कॉन्ट्रैक्ट खत्म होने के बाद नहीं हटाया जा सकेगा। हालांकि उन कर्मचारियों को पक्की नौकरी मिलेगी या नहीं, इस पर तस्वीर अभी भी साफ नहीं है। दिल्ली सरकार ने एंटी करप्शन हेल्पलाइन नंबर जारी किया। रिश्वत मांगने वालों की कर सकते हैं शिकायत, हेल्पलाइन नंबर है- ०११-२७३५७१६९।