दिल्ली-मुंबई समेत पांच नए रूटों पर भी ‘विकल्प’


नई दिल्ली। ट्रेन में आरक्षण न मिलने पर वैकाqल्पक ट्रेन में आरक्षण की विकल्प योजना का विस्तार किया जा रहा है। दो रूटों पर प्रायोगिक कामयाबी के बाद स्कीम को दिल्ली-मुंबई और दिल्ली-हावड़ा समेत पांच बड़े रूटों पर लागू करने की रेलवे बोर्ड ने हरी झंडी दे दी गई है। विकल्प स्कीम का आगाज ऑल्टरनेट ट्रेन एकोमोडेशन स्कीम (एटीएएस) के तहत पर किया गया था। ताकि प्रतीक्षा सूची के उन यात्रियों को किसी दूसरी ट्रेन में कन्फर्म रिजर्वेशन दिया जा सके जिनका टिकट पहली ट्रेन में कन्फर्म न हुआ हो। विकल्प देने वाले पहली ट्रेन के वेटलिस्टेड यात्रियों का नाम व पीएनआर पहली ट्रेन के चार्ट में नहीं दिया जाता। बाqल्क इनके लिए अलग से चार्ट लगाया जाता है, जिसमें दूसरी वैकाqल्पक ट्रेन के नाम के साथ बर्थ नंबर दिया होता है। स्कीम की शुरुआत पिछले साल १ नवंबर से दिल्ली-लखनऊ और दिल्ली-जम्मू रूटों की मेल/एक्सप्रेस व सुपरफास्ट ट्रेनों में प्रायोगिक तौर (पायलट प्रोजेक्ट) पर की गई थी। इसमें कामयाबी को देखते हुए अब पांच नए और बड़े रूटों विकल्प स्कीम को लागू करने का निर्णय लिया गया है। इनमें दिल्ली-मुंबई, दिल्ली-हावड़ा, दिल्ली-चेन्नई, दिल्ली-बेंगलुरु और दिल्ली-सिवंâदराबाद के रूट शामिल हैं। इन्हें मिलाकर अब विकल्प के कुल रूटों की संख्या बढ़कर सात हो गई है। संबंधित जोनल रेलवे महाप्रबंधकों से कहा गया है कि अब वे इन रूटों पर भी विकल्प स्कीम लागू करने की व्यवस्था कर सकते हैं।
विकल्प स्कीम के तहत किसी भी रूट की किसी भी मेल/एक्सप्रेस व सुपरफास्ट ट्रेन के प्रतीक्षा सूची के यात्री को इन सातों रूटों में से किसी भी रूट की किसी भी मेल/एक्सप्रेस ट्रेन में वैकाqल्पक आरक्षण प्रदान किया जा सकता है। यानी दिल्ली-नागपुर रूट की ट्रेन में टिकट बुक कराने वाला यात्री दिल्ली-चेन्नई रूट की ट्रेन में कन्फर्म आरक्षण प्राप्त कर सकता है। इसी प्रकार नागपुर-चेन्नई रूट की ट्रेन के यात्री को दिल्ली-चेन्नई रूट की ट्रेन में कन्फर्म रिजर्वेशन मिल सकता है। स्कीम के तहत प्रारंभ में राजधानी, शताब्दी, दूरंतो व सुविधा ट्रेनों (या ऐसी ट्रेनें जिनमें खानपान का शुल्क किराये में शामिल होता है) को छोड़कर सभी मेल/एक्सप्रेस व सुपरफास्ट ट्रेनों में आरक्षण की सुविधा मिलेगी। रेलवे बोर्ड की ओर से जारी परिपत्र के अनुसार फिलहाल छह महीने तक पांचों नए रूटों पर भी विकल्प स्कीम को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर चलाया जाएगा। बाद में कामयाबी के आधार पर इसे स्थायी कर दिया जाएगा। वर्ष २०१६-१७ के रेल बजट में रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने विकल्प स्कीम का विस्तार किए जाने का एलान किया था।