दवा की पर्ची से खुला कत्ल का राज


गुड़गांव। बिजवासन निवासी एक युवक ने अपने ममेरे भाई को अपने ही घर में कुल्हाड़ी से काटकर मौत की नींद सुला दी। गुनाह छिपाने के लिए उसने शव को चारा भरने वाले बोरे में डाला और गुड़गांव के पाडा गांव के पास पेंâक दिया। लेकिन बोरे में मिली दवा की पर्ची से उसका गुनाह नहीं छिप सका।
मानेसर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर जगदीश की टीम ने मृतक की पहचान कर मामले से पर्दा उठा दिया। वारदात बिजवासन में हुई लिहाजा पुलिस ने केस भी दिल्ली पुलिस थाना कापसहेड़ा को सौंप दिया है। बोरे में भरे शव की सूचना गांव के सरपंच भीम िंसह ने बृहस्पतिवार शाम पुलिस को दी थी। जिसके बाद पुलिस ने शव बाहर निकाल बोरे की तलाशी ली तो उसमें एक दवा की पर्ची थी जिसमें जिला झज्जर का गांव डीगल दर्ज था। जिसके बाद पुलिस टीम डीगल पहुंची । करीब चार घंटे की छानबीन में शव की पहचान गांव के ही निवासी भूपेंद्र (३३) पुत्र रोहताश के रूप में हुई।
०रकम न देनी पड़े इसलिए कर दी हत्या
भूपेंद्र के साले नवीन डागर ने बताया कि भूपेंद्र बिजवासन में अपनी बुआ के घर रह रहा था। लेकिन छह माह से उसकी बुआ के लड़के राकेश से उसकी नहीं पट रही थी। दोनों साझे में गारमेंट्स एक्सपोर्ट का कारोबार कर रहे थे।
०लेन-देन को लेकर हुई अनबन राकेश ने भूपेंद्र से ३१ लाख की रकम ले रखी थी जो वह दे नहीं रहा था। २१ दिसंबर को भूपेंद्र ने राकेश के खिलाफ दिल्ली पुलिस को शिकायत भी दी थी। जिसके बाद दोनों में दूरी और बढ़ गई थी। बुधवार रात राकेश ने उसे किसी बहाने से घर बुलाकर उसे मादक द्रव पिलाकर पत्नी के साथ मिल हत्या कर दी।