तेजस से भी तेज विमान बनाएगा भारत


नई दिल्ली  ।  तेजस की सफलता ने भारत को अब पांचवीं पीढ़ी के विमान निर्माण की प्रेरणा दी है और इसमें सहयोग के लिए रूस आगे आगे आया है. हालाँकि रापेâल विमान के अधिकांश पुर्जे भारत में बनाने का आग्रह भारत ने ?्रांस से किया है किन्तु बेरोजगारी से जूझ रहा ?्रांस इस मामले में कदम पीछे हटा सकता है। ऐसी ाqस्थति में भारत को आत्मनिर्भर होना ही होगा।
संभवत: इसीलिये भारत और रूस ने पांचवीं पीढ़ी के लड़ावूâ विमान के निर्माण पर काम जारी रखने का पैâसला किया है और दोनों देश इस परियोजना में ४-४ अरब डालर का निवेश करेंगे।
भारतीय रक्षा मंत्रालय के एक उच्च पदस्थ स्रोत ने बताया है कि पिछले महीने भारतीय और रूसी वार्ताकारों ने यह तय किया था कि इस परियोजना में प्रत्येक देश के योगदान को कम करके ४-४ अरब डालर कर दिया जाएगा जिसकी बदौलत एसयू-३०एमकेआई की जगह पांचवीं पीढ़ी के २५० लड़ावूâ विमान र्नििमत करने के लिए रास्ता खुल जाएगा।
अधिकारी के अनुसार वर्तमान में रक्षा ़खरीद समिति द्वारा ४-४ अरब डॉलर की लागत वाली इस परियोजना के प्रस्ताव विचार किया जा रहा है जिसके बाद इसे रक्षा मंत्री मनोहर र्पािरकर के द्वारा अनुमोदित किया जा सकता है।
सुबोध२९जनवरी२०१६