तृणमूल सांसदों के रिश्वत मामले की जांच करेगी आचार समिति


नई दिल्ली । तृणमूल कांग्रेस के कुछ सदस्यों के रिश्वत लेने के मामले की जांच लालकृष्ण आडवाणी की अध्यक्षता वाली आचार समिति करेगी। इस मामले को लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने आज जांच के लिए आचार समिति के पास भेज दिया। लोकसभा अध्यक्ष ने प्रश्नकाल के तत्काल बाद यह घोषणा की। एक दिन पहले ही भाजपा, कांग्रेस और माकपा सदस्यों ने संसद में आरोपी तृणमूल सांसदों की जांच की मांग की थी। अब आचार समिति आरोपों के मामले में अध्ययन और जांच करेगी।
इससे पहले २००५ में एक आचार समिति ने एक िंस्टग ऑपरेशन में कथित तौर पर फर्जी निजी वंâपनियों की मदद के लिए रिश्वत लेते हुए देखे गये ११ सांसदों की सदस्यता समाप्त कर दी थी जिनमें १० लोकसभा और एक राज्यसभा के थे। तृणमूल कांग्रेस के सौगत राय ने अध्यक्ष के इस आदेश पर कड़ा विरोध जताते हुए इसे एकतरफा पैâसला बताया। उन्होंने कहा, “माकपा, भाजपा और कांग्रेस के सदस्यों की मांग पर इस मामले को आचार समिति को भेजे जाने का मैं कड़ा विरोध करता हूं।” उन्होंने कहा कि समिति को भेजे जाने से पहले किसी से बात नहीं की गयी और आसन से एकतरफा पैâसला किया है।
राय ने कहा कि लालकृष्ण आडवाणी की अध्यक्षता वाली आचार समिति से उन्हें कोई शिकायत नहीं है और उन्हें उम्मीद है कि मामले में निष्पक्षता बरती जाएगी।