डीटीसी का बस का स्टीिंरग संभाला फस्र्ट लेडी ड्राइवर ने


नईदिल्ली । महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देने के मकसद से डीटीसी ने महिला वंâडक्टरों के साथ-साथ महिला बस ड्राइवरों को भी तैनात करने के सिलसिले में आखिरकार दिल्ली ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन यानी डीटीसी को पहली महिला बस ड्राइवर मिल गई है । मूल रूप से तेलंगाना की रहने वाली वी. सरिता को फिलहाल सरोजनी नगर डिपो में तैनात किया गया है। ३० साल की सरिता का कहना है कि उन्हें किसी भी वक्त डयूटी करने में कोई दिक्कत नहीं है। उन्होंने यह उम्मीद भी जताई कि उन्हें देखकर जल्द ही अन्य महिलाएं भी डीटीसी की बसें चलाने के लिए आगे आएंगी। शुक्रवार को दिल्ली सरकार के परिवहन मंत्री गोपाल राय ने खुद दिल्ली सचिवालय में एक प्रेस कॉन्प्रेंâस बुलाकर मीडिया के जरिये सरिता का परिचय दिल्ली की जनता से करवाया।योजनांतर्गत दिसंबर २०१४ में एक नोटिस जारी कर महिला बस ड्राइवरों से आवेदन मंगाए गए थे, जिसके बाद ७ महिलाओं ने आवेदन दाखिल किए। बाद में स्क्रीिंनग कमिटी ने इन उम्मीदवारों के तमाम कागजात व अन्य योग्यताओं की जांच पड़ताल के बाद ५ को मेडिकल एग्जामिनेशन के योग्य पाया। डीटीसी के मेडिकल बोर्ड ने इन पांचों उम्मीदवारों की मेडिकल जांच के बाद केवल सरिता को फिट पाया और इस तरह उन्हें डीटीसी में पहली महिला ड्राइवर के रूप में चुने जाने का गौरव हासिल हुआ।
०४ हफ्ते की ट्रेिंनग ली
परिवहन मंत्री ने बताया कि चयन हो जाने के बाद सरिता ने डीटीसी के ट्रेिंनग स्वूâल में ४ हफ्ते की अनिवार्य ट्रेिंनग हासिल की। इस ट्रेिंनग को पूरा कर लेने के बाद शॉर्ट टर्म कॉन्ट्रैक्ट बेसिस पर उनकी नियुक्ति सरोजनी नगर डिपो में की गई है। गोिंवदपुरी में रहने वाली सरिता के पास पहले से ही आंध्रप्रदेश के नालगोंडा जिले की रोड ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी का जारी किया गया हेवी ट्रांसपोर्ट वीकल चलाने का कमर्शियल लाइसेंस है। हालांकि दिल्ली में पैसेंजर वीकल्स चलाने के लिए पीएसवी बैज का होना भी जरूरी है, इसलिए डीटीसी मैनेजमेंट ने बैज बनवाने में भी उनकी मदद की और शुक्रवार को खुद परिवहन मंत्री ने पीएसवी बैज सरिता के सुपुर्द किया। इसके बाद वह बस चलाने के लिए पूरी तरह अधिकृत हो गर्इं हैं।