ट्रेनों को अपराध मुक्त किया जायेगा


फिरोजपुर । फिरोजपुर रेल मंडल ने ट्रेनों को क्राइम प्रâी करने हेतु गोद देने की योजना पर अमल शुरू कर दिया है। ट्रेनों को अपराध मुक्त करने की इस योजना के तहत अधिकारियों को एक-एक ट्रेन गोद दी जा रही है। उन्हें मांग अनुसार स्टाफ भी दिया जा रहा है, साथ ही रेलवे ने पुलिस की भी सहायता मांगी है।
रेलवे ने ट्रेनों को क्राइम प्रâी करने की योजना तैयार की है। इस सिलसिले में पहले चरण के प्रोजेक्ट में दस संवेदनशील ट्रेनों को चिाqह्नत किया गया है। ‘ऑन योर ऑन स्कीम’ शुरू करने वाला फिरोजपुर मंडल देश का पहला रेल मंडल होगा। योजना के तहत रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (आरपीएफ) ने पहली बार ऐसी ट्रेनों की माा\कग की है, जहां पर सबसे ज्यादा क्राइम की खबरें रिपोर्ट हो रही हैं। अभी तक ट्रेनों में अपराध को लेकर क्राइम की कुछ धाराओं में आरपीएफ को तो कुछ में जीआरपी को शिकायतों पर कार्रवाई का अधिकार दिया गया है। इसके अलावा बाकी क्राइम मामलों में सिविल पुलिस के पास ही कार्रवाई के अधिकार हैं।
चिाqह्न १० ट्रेनों को क्राइम प्रâी करने के लिए एक-एक ट्रेन को एक-एक सीनियर अधिकारी को गोद देना शुरू कर दिया है। अभी सात ट्रेनों को गोद दिया जा चुका है। इनमें आने वाली शिकायतों जिनकी रिपोर्ट दर्ज करवाई जा रही है, की लिस्ट भी जीआरपी के मुख्य मंडल अधिकारी शादां जैब खान ने तलब की है। इन ट्रेनों में सुरक्षा के लिए चार से लेकर २० तक सुरक्षा मुलाजिमों का स्टाफ भी तैनात किया जा रहा है। खान कहते हैं जरूरत पड़ने पर और स्टाफ दिया जाएगा।
आरएम अनुज प्रकाश ने कहा कि किसी भी प्रकार से ट्रेनों में क्राइम बंद करवाना है। उन्होंने यात्रियों से भी अपील की कि वे क्राइम की आधिकारिक सूचना जरूर दें। रेलवे के हेल्पलाइन नंबरों व ट्वीटर की भी मदद ली जा सकती है। अगर कोई दिक्कत आ रही है तो सीधे हेल्पलाइन नंबरों पर संदेश छोड़ सकते हैं। इन ट्रेनों को क्राइम प्रâी करने के बाद दूसरे चरण में दूसरी १० ट्रेनों को लिया जाएगा। अगर गोद ली गई ट्रेन में क्राइम की शिकायत आती है तो उसकी जिम्मेदारी अधिकारी की ही होगी।
ईएमएस १९ फरवरी २०१६