जेल शब्द के बजाए सुधारगृह शब्द का हो प्रयोग- बाबूलाल गौर


– मध्यप्रदेश के गृहमंत्री ने मुंबई के आर्थर रोड जेल का लिया जायजा
मुंबई। मध्यप्रदेश के गृह एवं जेल मंत्री बाबूलाल गौर ने इच्छा व्यक्त करते हुए कहा कि जेल शब्द के स्थान पर सुधारगृह शब्द का प्रयोग किया जाना उचित होगा। यह बात उन्होंने मुंबई की उच्च सुरक्षा वाली आर्थर रोड जेल का दौरा करने के दौरान कही। दरअसल बाबूलाल गौर मुंबई के आर्थर रोड जेल का जायजा लेने आए थे जहां उन्होंने जेल की सुरक्षा व्यवस्था तथा अंडा सेल का जायजा लिया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश की जेलों में सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ की जायेगी तथा हार्ड कोर क्रिमिनल के लिए आर्थर रोड जेल की तरह वेंâद्रीय जेल को बनाया जाएगा। शुरूआत भोपाल वेंâद्रीय जेल से की जायेगी। गौर ने कहा कि आर्थर रोड जेल में हार्डकोर आतंकवादी तथा दुर्दांत अपराधियों को विरूद्ध रखने अंडासेल और उच्च सुरक्षा वाली सेल है। इसी तरह की सुरक्षित सेल मध्य प्रदेश की वेंâद्रीय जेल में भी बनाने पर विचार किया जाएगा। गौर ने कहा कि जघन्य अपराधों के विचाराधिन वैâदियों के लिए आर्थर रोड जेल में बनाए गए विशेष सेल के समान मध्य प्रदेश के वेंâद्रीय कारागृह में भी निर्माण करना उपयोगी हो सकता है। गौर ने आर्थर रोड जेल के रसोई गृह का निरीक्षण करते हुए वहां वैâदियों के लिए बनाए जा रहे भोजन संबंधी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि महाराठ्र पुलिस द्वारा जेल में पौष्टिक भोजन स्वच्छतापूर्वक दिया जा रहा है, जो सराहनीय है। इस अवसर पर बाबूलाल गौर के साथ भोपाल की पूर्व महापौर कृष्णा गौर, जेल अधिक्षक वीएच भोंसले, डीआईजी महाराठ्र जेल डॉ.एमएस सालुंके, प्रदेश के एडीजी जेल सुशोधन बनर्जी तथा मध्यप्रदेश सरकार के कुछ वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।