लालू को सजा सुनाए जाने के सदमे में बहन की मौत


पटना (ईएमएस)। चारा घोटाले में साढ़े तीन साल की सजा पाने वाले लालू प्रसाद की बड़ी बहन गंगोत्री देवी का निधन हो गया है। उन्होंने पटना के वेटनरी कॉलेज स्थित सर्वेंट क्वार्टर में आखिरी सांसें लीं। वह पिछले कई दिनों से बीमार थीं। वह अपने भाई-भाई लालू प्रसाद के जेल जाने की खबर से बेहद विचलित थीं।

लालू की इकलौती बड़ी बहन को बोलने में काफी परेशानी हो रही थी। चारा घोटाले में लालू के जेल जाने के बाद से ही उन्हें गहरा सदमा लगा था। बुआ के निधन की खबर मिलते ही लालू के दोनों बेटे तेजस्वी-तेजप्रताप सर्वेंट क्वार्टर पहुंचे। उनके साथ उनकी मां और बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी भी थीं। लालू की बड़ी बहन को उनसे खासा लगाव था। लालू के जेल जाने के बाद से ही वह आधी रात को बिस्तर से उठ जाती थीं और रोते हुए भगवान से भाई की सलामती की दुआ करती थीं। लालू की बहन अपने दो बच्चों के साथ अभी भी उसी सर्वेंट क्वाटर में रह रही थीं, जहां कभी लालू भी अपने परिवार के साथ रहते थे। लालू की बहन के दो बेटे हैं। एक बेटा बिहार पुलिस में है और दूसरा रेलवे में नौकरी करता है।

जेल लालू करेंगे पेड़-पौधों की देखभाल

सजा के बाद जेल पहुंचे बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को जेल प्रशासन ने जेल में बागवानी का काम सौंपा है। रविवार से लालू ने जेल में बागवानी की। बागवानी का निर्णय उन्होंने स्वयं लिया था। उन्होंने स्वयं मांग की थी कि उन्हें बागवानी करने दी जाए। उनके आग्रह को जेल प्रशासन ने स्वीकार कर लिया। मांग पूरी होते ही लालू ने जेलर से कहा कि कल से जेल की बागवानी सुधर जाएगी। अब वह जेल में बागवानी कर प्रतिदिन 93 रुपये कमाएंगे। वहीं चारा घोटाला के मामले में सजा सुनाए जाने के बाद पूर्व सांसद डॉ. आरके राणा, सुबीर भट्टाचार्य, राजाराम जोशी समेत कई दोषी कोर्ट से सजा तीन साल करने की अपील करने लगे। इस पर जज ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि घबराइए नहीं ओपन जेल में रहने की व्यवस्था कर रहे हैं।

वहां परिवार के साथ रहें और गो-पालन करें। आप लोगों को गो-पालन का अच्छा अनुभव है। गो-पालन से जो राशि आएगी, उससे सरकारी खजाना भी भरेगा। राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव फैसले आने से पहले गुमशुम थे। उनके चेहरे पर उदासी छाई हुई थी। जेल में लालू किसी से बातचीत नहीं कर रहे थे। शनिवार की सुबह लालू ने हल्का नाश्ता लिया। दोपहर लालू ने खाने से इन्कार कर दिया। देर रात लालू ने एक रोटी, अरहर की दाल और मिक्स वेज सब्जी खाई। इससे पूर्व दिनभर लालू न्यूज चैनल पर ध्यान लगाए रहे।

राजद प्रमुख लालू प्रसाद ने जेल जाने के बाद एक भावनात्मक खत लिखकर पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों से एकजुट रहने की अपील की है। उन्होंने लिखा है कि वह जेल जाने से डरते नहीं हैं। गरीब-गुरबों की बात करने के कारण उनके खिलाफ साजिश हुई है। लालू के पत्र को तेजस्वी ने पार्टी की बैठक में प़ढकर सुनाया एवं समर्थकों में बंटवाया भी। खत में लिखा गया है कि किस तरह उनके राजनीतिक विरोधियों ने साजिश कर उनके परिवार को परेशान किया। तेजस्वी ने लालू के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने की अपील की। लालू ने अपने खत में अपने राजनीतिक सफर के बारे में विस्तार से जानकारी दी है।