जेडे मर्डर मामले की जांच सीबीआई ने अपने हाथ में ली


मुंबई। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने मुंबई के वरिष्ठ पत्रकार ज्योर्तिमय डे की हत्याकांड की जांच अपने हाथों में ले ली है। महाराष्ट्र सरकार ने अंडरवल्र्ड सरगना छोटा राजन के खिलाफ सीबीआई को ७१ मामले भेजे थे जिनमें से यह पहला मामला है जिसकी जांच सीबीआई शुरू करने जा रही है। हालांकि सीबीआई ने जो प्राथमिकी दर्ज की है उसमें नियमों के अनुसार संदिग्ध के रूप में छोटा राजन का नाम नहीं है। सीबीआई स्थानीय पुलिस द्वारा दर्ज प्राथमिकी पुन: दर्ज करती है। चूंकि सीबीआई ने अपनी प्राथमिकी में छोटा राजन का नाम नहीं लिया है और आरोपपत्र के चरण में बतौर आरोपी उनकी भूमिका शामिल की है, इसलिए सीबीआई ने भी अपनी जांच शुरू करने के लिए प्राथमिकी पुन: दर्ज कीं पिछले साल नवंबर में इंटरपोल रेडनोटिस पर बाली में पकड़े जाने और उसे ६ दिसंबर २०१५ को सीबीआई द्वारा दिल्ली लाये जाने के बाद महाराष्ट्र सरकार ने छोटे राजन के खिलाफ सभी ७१ मामले सीबीआई के पास भेजे थे। आपको बता दें कि ५६ वर्षीय पत्रकार ज्योर्तिमय डे की हत्या उन प्रमुख मामलों में एक था जिनमें राजन का हाथ होने का संदेह है। डे की ११ जून, २०११ को दोपहर साढ़े तीन बजे मुंबई के पवई इलाके के हिरानंदानी परिसर में स्थित डी मार्ट में स्पेक्ट्रा भवन के समीप मोटरसाइकिल सवार चार हमलावरों ने छोटा राजन के इशारे पर गोली मारकर हत्या कर दी थी। ये हमलावर दो मोटरसाइकिल से आए थे। मुंबर्ई पुलिस ने छोटा राजन, उसके साथी नयन सिंह बिष्ट (फरार बताया गया), रोही थंगप्पन जोसेफ उर्फ सतीश काल्या, अभिजीत शिंदे, अरूण डाके, सचिन गायकवाड़, अनिल वाघमोड़े, नीलेश शेंडगे, मंगेश अगवाने, विनोद असरानी, पॉलसन जोसेफ और दीपक सिसोदिया के खिलाफ मकोका के तहत वर्ष २०११ में आरोपपत्र दायर किया था। पुलिस ने वर्ष २०१२ में अन्य पत्रकार जिग्ना वोरा और अन्य आरोपी दीपक सिसोदिया के खिलाफ भी आरोपपत्र दायर किया। वोरा पर आरोप है कि उसने पेशेवर प्रतिद्वंद्विता को लेकर डे की हत्या की साजिश रची। पुलिस का कहना है कि डे के दो खबरों में अपनी गलत छवि पेश किये जाने को लेकर छोटा राजन परेशान था और उसने डे का सफाया करने का आदेश दिया।