जहां बच्ची नहीं, उस पंचायत को नहीं मिलेगा पैसा


० िंलगानुपात के लिये हिमाचल सरकार की अनौखी पहल
शिमला। हिमाचल सरकार ने िंलग अनुपात के अंतर को रोकने के लिए अनोखा पैâसला किया है। सरकार उन ग्राम पंचायतों को धन मुहैया नहीं कराएगी, जिनके क्षेत्र में लड़की का जन्म नहीं होगा, लेकिन उन ग्राम पंचायतों को इनाम देगी, जिन पंचायतों का िंलगानुपात अच्छा होगा। अधिकारियों के अनुसार यह पैâसला मुख्यमंत्री वीरभद्र िंसह की ओर से लिया गया है। जिन्होंने लैंगिक मुद्दे पर छठी बार अपनी संवेदनशीलता दिखाई है। कांगड़ा जिले में एक सार्वजनिक जनसभा के दौरान मुख्यमंत्री ने भावुक होते हुए कहा कि वह उन ग्राम पंचायतों को निधि नहीं देंगे, जिनका िंलग अनुपात गिर रहा है।
० कन्या भ्रूणहत्या पर रखेंगे नजर
स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा कि जब उन्हें यह जानकारी मिली कि पंजाब से सटे कुछ इलाकों में िंलग अनुपात में गिरावट आ रही, तो उन्हें गुस्सा आ गया। ऐसी पंचायतों को चेतावनी देने के लिए उन्होंने यह पैâसला लिया। मुख्यमंत्री ने कथित तौर पर स्वास्थ्य अधिकारियों को कन्या भ्रूणहत्या के लिए क्लीनिकों पर जाने वाले लोगों पर कड़ी नजर रखने का निर्देश दिया। वर्ष २०११ की जनगणना के अनुसार हिमाचल प्रदेश की कुल आबादी ६,८६४,६०२ लाख है, जिनमें ३,३८२,७२९ लाख पुरुष, जबकि ३,३८२,७२९ लाख महिलाएं हैं। यहां प्रति १,००० पुरुषों पर ९७२ महिलाएं हैं। भारत के सभी जिलों के मुकाबले हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति का िंलग अनुपात ० से ६ साल तक के आयु समूह में सर्वश्रेष्ठ है। यहां प्रति १,००० पुरुषों पर १,०३३ महिलाएं हैं। मुख्यमंत्री ने २२ फरवरी को दादासिबा गांव में एक जनसभा में कहा कि उन पंचायतों को कोई निधि नहीं मिलेगी, जहां महिलाओं की तुलना में पुरुषों की संख्या ज्यादा होगी। लेकिन उन पंचायतों को इनाम मिलेगा, जहां का िंलग अनुपात बेहतर होगा। सरकार वैसे ५० पंचायतों को सम्मानित करेगी, जो शून्य से ६ साल तक आयु समूह में िंलग अनुपात में सुधार लाने में कामयाब रही है। उन्होंने कहा कि समाज को स्वस्थ बनाने के लिए पहला कदम लड़कियों को शिक्षित करना होगा।
अपने पूरे राजनीतिक जीवनकाल में कभी वेतन नहीं लेने वाले नेता वीरभद्र िंसह ने कहा कि यदि किसी गांव में १० बाqच्चयां हैं और वहां नजदीक में कोई स्वूâल नहीं है, तो वहां एक स्वूâल खोलने में मुझे कोई झिझक नहीं है, चाहे वह इलाका कितना भी सुदूरवर्ती क्यों न हो। राज परिवार से ताल्लुक रखने वाले वीरभद्र िंसह एक खुले रहस्य की तरह हैं। उनके सहयोगी कहते हैं कि ऐसा कोई भी दिन नहीं बीतता होगा, जब कोई उनके कार्यालय में र्आिथक मदद के लिए न आता हो। उन्होंने कहा कि अगर कोई अपनी बेटी को उच्च शिक्षा दिलाने के लिए वित्तीय मदद की मांग लेकर उनके पास आता है, तो वह अपनी जेब से भी पैसे देने से नहीं हिचकते। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छता अभियान पर उन्होंने कहा कि मैं नहीं चाहता कि प्रदेश का कोई भी स्वूâल बिना शौचालय का हो। इसका निर्माण शिक्षा विभाग करेगा। लड़कियों के लिए अलग से शौचालय होना चाहिए।