चार साल में चार गुना बढ़ जाएंगे इंटरनेट यूजर


नई दिल्ली । भारत में चार साल बाद इंटरनेट यूजर की संख्या चार गुना बढ़ जाएगी। इसकी वजह देश में बहुत तेजी से बिक रहे स्मार्ट फोन को माना जा रहा है। इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की `डिजिटल इंडिया’ योजना और ४जी के विस्तार भी वजहों में से एक मानी जा रही है।
जानकारी के अनुसार यह बात एक सर्वेक्षण में सामने आई है। जिसमें बताया गया है कि २०१५ की तुलना में २०२० तक भारत का इंटरनेट ट्रैफिक चार गुना होगा। जबकि २००५ के आंकडों के मुकाबले यह वृद्धि २४९ गुना होगी। तकनीकी क्षेत्र की दिग्गज वंâपनी सिस्को ने अपने ११वें `सिस्को विजुअल नेटवा\कग इंडेक्स’ में पूर्वानुमान जताया है कि २०२० तक भारत का इंटरनेट ट्रैफिक २०१५ की तुलना में साल दर साल ३४ प्रतिशत की वृद्धि कर चार गुना तक बढ़ जाएगा। सर्वेक्षण के अनुसार, अगले पांच सालों में भारत में १.९ अरब इंटरनेट युक्त उपकरण होंगे जो २०१५ की तुलना में १.३ अरब अधिक हैं। इसके अलावा इंटरनेट की औसत गति २०१५ की ५.१ एमबीपीएस से बढ़कर २०२० तक १२.९ एमबीपीएस पहुंच जाएगी। इन सबके चलते भारत में इंटरनेट ट्रैफिक ३४ फीसदी साल दर साल बढ़कर २०१५ की तुलना में २०२० तक चार गुना बढ़ जायेगा। सर्वेक्षण के अनुसार २०१५ में इंटरनेट ट्रैफिक १.४ एक्जाबाईट प्रति माह है जिसके २०२० तक बढकर ५.६ एक्जाबाईट प्रति माह के स्तर पर पहुंचने का अनुमान है। सर्वेक्षण के अनुसार उपभोक्ता और बिजनेस उपयोगकर्ताओं के मोबाइल पर इंटरनेट का इस्तेमाल बढने से २०२० तक कुल इंटरनेट ट्रैफिक का ७१ फीसदी हिस्सा गैर वंâप्यूटर उपकरणों से आएगा जिनमें टैबलेट, स्मार्टफोन और टीवी शामिल होंगी। २०१५ में यही आंकडा ४७ फीसदी के पास है। २०२० तक कुल इंटरनेट ट्रैफिक में अकेले स्मार्टफोन का योगदान ३० फीसदी होगा जबकि वंâप्यूटर का योगदान २९ फीसदी रह जाएगा। एक और बात उभरकर सामने आयी है कि भारत में इंटरनेट ट्रैफिक में वीडियो की हिस्सेदारी सर्वाधिक रहेगी। यह २०२० में कुल इंटरनेट ट्रैफिक का ७५ फीसदी होगा तो २०१५ की तुलना में ५१ फीसदी अधिक होगा। सर्वेक्षण में इंटरनेट ट्रैफिक से जुडे कई अन्य पहलुओं को भी उजागर किया गया है।