घर वापसी’ के मुद्दे पर मोदी करेंगे भागवत से बात


नई दिल्ली । ‘घर वापसी’ पर भाजपा सांसदों को नसीहत देने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब सीधे संघ प्रमुख मोहन भागवत से बात करेंगे। पीएम मोदी ने इसके साफ संकेत दिए हैं। आरएसएस भाजपा के कई नेताओं ने नाम न छापने की शर्त पर बताया है कि पीएम ने आरएसएस के मुखिया को दो अहम संदेश दिए।
पहला संदेश यह है कि सरकार की ओर से संघ से बातचीत करनी हो तो मोदी सिर्पâ भागवत से संपर्वâ करेंगे और इसके दूसरे नेताओं से नहीं। पिछली एनडीए सरकार में ऐसा नहीं होता था। तब अटल बिहारी वाजपेयी संघ परिवार के मदन दास देवी जैसे दूसरे पायदान के नेताओं से नियमित तौर पर मिला करते थे। संघ के मिडल लेवल के नेता कई बार सरकार और संघ के बीच मध्यस्थता भी करते थे। एक वरिष्ठ भाजपा नेता ने कहा कि अब आरएसएस के शीर्ष नेतृत्व को मोदी के मेसेज का संकेत यह है कि वह अपनी सरकार अपने तरीके से चलाना चाहते हैं। पीएम ने भागवत को दूसरा मेसेज यह दिया है कि यह सुनिाqश्चत करना संघ की जिम्मेदारी है कि वेंâद्र में बीजेपी के बहुमत वाली यह पहली सरकार डिवेलपमेंट और ग्रोथ के अपने वादे पूरे कर सके।
आरएसएस के एक सीनियर नेता ने कहा कि संघ प्रचारक राजेश्वर िंसह से पाqश्चमी यूपी और उत्तराखंड में धर्मांतरण कार्यक्रम की जिम्मेदारी वापस लिए जाने से पता चलता है कि आरएसएस अपनी कार्यशैली पर पुर्निवचार कर रहा है। इस संदर्भ में यूपी के राज्यपाल राम नाइक का यह बयान भी महत्वपूर्ण है कि विकास को प्राथमिकता दी जानी चाहिए और राम मंदिर का पैâसला अदालतों के जिम्मे छोड़ देना चाहिए। भाजपा और आरएसएस के नेताओं ने कहा कि मोदी के सामने संघ के पीछे हटने का तीसरा संकेत इसी साल आ सकता है। बीजेपी और संघ के नेताओं ने बताया कि मोदी के विरोधी माने जाने वाले वीएचपी के अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया के मार्च में होने वाली संघ की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा में पर कतरे जा सकते हैं। राजेश्वर िंसह को तोगड़िया का करीबी माना जाता है।