गौमांस पर प्रतिबंध, अब शेर खा रहे चिकन


मुम्बई।महाराष्ट्र में गौमांस पर प्रतिबंध का असर मुम्बई के राष्ट्रीय उद्यानों में जानवरों के भोजन पर भी पड़ रहा है।पार्को में शेर एवं बाघों को खाने में चिकेन दिया जा रहा है।गोश्त आपूर्ति करने वाले ब्यापारियों ने सरकार द्वारा गौमांस पर प्रतिबंध लगाने के निर्णय के खिलाफ हड़ताल शुरू कर दी है।भैंस एवं बकरे का मांस उपलब्ध नही होने पर पार्वâ के जानवरों को चिकेन का मांस दिया जाता है।संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान के पशुचिकित्सा अधिकारी डा.संजीव पिजारकर ने बताया कि लगभग दो सप्ताह से पार्वâ में बाघ एवं शेरों को भैंस का मांस नही मिला है।इन जानवरों के अलावा लुप्तप्राय प्रजाति के भारतीय भी गिद्ध गाय एवं चिकेन का मांस खाते थे।पार्जिकर ने कहा कि इससे बड़ी समस्या नही होने वाली है ,इसे नियंत्रित कर लिया जाएगा।बड़े मांसाहारी जन्तुओं के लिए अधिक बसायुक्त भोजन की आवश्यकता होती है जबकि चिकेन में अपेक्षाकृत बहुत कम पैâट पाया जाता है।एड्स सिटी डा. संगीता वेंगसरकर ने बताया कि जंगली जानवरों के लिए भैंस का मांस अधिक महत्चपूर्ण होता है ,क्योंकि लाल मांस उनके लिए अधिक अच्छा होता है तथा इसमें आवश्यक अमीनो एसिड पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है।