गर्भपात के कानून पर महिलाएं असहमत : रिपोर्ट


मुंबई। महिलाओं को गर्भपात कराने की इजाजत मिलनी चाहिए। जबकि भारत के कानून में इसे २० सप्ताह तक की ही अनुमति है। यह जानकारी महिलाओं में कराए गए ऑनलाइन शोध की रिपोर्ट में सामने आई है। जानकारी के अनुसार वैश्विक रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि भारत में ७० फीसदी लोगों ने इसका समर्थन किया और कहा कि हर हालत में इसकी इजाजत होनी चाहिए। प्रâांस की स्वतंत्र शोध वंâपनी ने कहा, “हर १० में से सात भारतीयों (७० फीसदी) ने कहा कि कोई महिला जब भी चाहे उसे गर्भपात की इजाजत होनी चाहिए, जबकि ३० फीसदी लोगों ने कहा कि इसकी इजाजत नहीं होनी चाहिए।’ यह अध्ययन २३ देशों में ऑनलाइन किया गया। इसका मकसद इस विवादित मुद्दे पर वैश्विक नागरिकों की राय जानना था। मौजूदा समय में भारत में सिर्पâ २० सप्ताह तक के गर्भ को गिराने की कानूनन इजाजत है। सर्वेक्षण में शामिल कुल २३ देशों के ७४ फीसदी लोगों ने कहा कि गर्भपात की इजाजत होनी चाहिए, हालांकि ४५ फीसदी ने कहा कि इसकी इजाजत तब होनी चाहिए जब महिला पैâसला करे। सिर्पâ पांच फीसदी लोगों ने कहा कि गर्भपात की कभी इजाजत नहीं होनी चाहिए।