गरीबों के लिए नहीं दौड़ती `समाजवादी एम्बुलैंस


गुलावठी । यूपी में सत्तारूढ़ सपा सरकार ने प्रसव से तड़पती महिलाओं को घर से सरकारी अस्पताल लाने के लिए १०२ ‘समाजवादी एम्बुलैंस सेवा’ शुरू की थी लेकिन गरीब लोगों को इस सेवा का लाभ नहीं मिल रहा है। हापुड़ क्षेत्र के गांव सुल्तानपुर में एक ऐसा ही मामला प्रकाश में आया है। यहां के निवासी रिक्शा चालक का कहना है कि उसे एम्बुलैंस सेवा का लाभ नहीं मिला और प्रसव से तड़पती पत्नी को रिक्शा द्वारा निजी अस्पताल लेकर जाना पड़ा। जानकारी के अनुसार गांव में बाबू अपने परिवार के साथ रहता है और रिक्शा चलाकर अपने परिवार का पालन-पोषण करता है। २ हफ्ते पहले उसकी पत्नी रानी को प्रसव पीड़ा होने पर उसने गांव में तैनात आशा को इसकी जानकारी देते हुए सहायता करने की मांग की। लेकिन रानी को प्रसव पीड़ा होने के बावजूद भी गांव में समाजवादी एम्बुलैंस सेवा १०२ नहीं पहुंची। एम्बुलैंस नहीं आने पर मजबूरन बाबू पत्नी रानी को रिक्शा में डालकर अस्पताल में प्रसव कराने पहुंचा। अस्पताल में तैनात चिकित्सकों ने रानी की हालत देखकर बड़ी सर्जरी होने की बात कहकर निजी अस्पताल ले जाने की सलाह दी। सरकारी अस्पताल से भी उसे एम्बुलैंस सेवा का लाभ नहीं मिला और प्रसव पीड़ा से कराहती पत्नी को रिक्शें में ही लेकर बाबू ने अपनी पत्नी को शहर के निजी अस्पताल में दाखिल कराया। जहां सर्जरी द्वारा रानी ने बेटे को जन्म दिया।