क्या स्मृति को भेजा जायेगा यूपी ?


नई दिल्ली . स्मृति ईरानी का डिमोशन अभिशाप है या वरदान यह चर्चा अब मीडिया में आम है. दरअसल मानव संसाधन विकास मंत्रालय जैसे भारी भरकम पोर्टफोलियो को स्मृति को सौंपना मोदी की नादानी थी या रणनीति यह अब तक कोइ नहीं जान पाया है. किन्तु इतना अवश्य है कि महज ३७ वर्ष की उम्र की स्मृति को वैâबिनेट मंत्री के पद से नवाजा इसलिए गया था क्योंकि यूपी में एक तरफ उन्होंने राहुल गांधी को बांध दिया तो दूसरी तरफ आस-पास की कई सीटों पर भी प्रभाव डाला, इसी कारण यूपी में धमाकेदार जीत भाजपा के हाथ लगी.
इसी कारण स्मृति ईरानी का नाम यूपी के नए चेहरे के रूप में लिया जा रहा है लेकिन जानकारों का कहना है कि स्मृति को पैराशूट कर भाजपा यूपी में दिल्ली की गलती नहीं दोहराएगी, वैसे भी भाजपा की सत्ता के बाद से स्मृति अमित शाह की खटास जगजाहिर है, संघ भी अभी स्मृति को परिपक्व नहीं मानता ऐसी ाqस्थति में कपड़ा मंत्रालय देने को स्मृति के परफार्मेंस से जोड़कर देखना ज्यादा उचित है क्योंकि यूपी में प्रयोग करने के हालात अब नहीं हैं. बिहार-दिल्ली की पराजय से सतर्वâ भाजपा स्थानीय नेताओं को नारा़ज शायद ही करना चाहे।