क्या नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के पर कतरे जायेंगे


नई दिल्ली । बजट सत्र से पूर्व अब कुछ विधेयकों पर देश की ऩजर रहेगी। खबर है कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के पर कतरने का ड्रॉफ्ट तैयार हो चुका है, इसे जल्द ही संसद में रखा जाएगा।
पांच साल पहले स्थापित हुए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने पर्यावरण की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है। सरकार के पर्यावरण और जंगल से जुड़े पैâसले को एनजीटी में चुनौती दी जा सकती है और इसके पैâसले को सिर्पâ सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी जा सकती है। पिछले पांच साल में एनजीटी ने सरकार और उद्योगपतियों के खिलाफ कड़े पैâसले लिए हैं।
अब सरकार एनजीटी के कानूनी आधार में ही संशोधन करना चाहती है। पर्यावरण कानून (संशोधन), २०१५ के जरिए सरकार एनजीटी की शक्तियों को कम करना चाहती है। इसके लिए उसने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल कानून, २०१५ और पर्यावरण (सुरक्षा) कानून १९८६ में संशोधन की तैयारी कर ली है। एनजीटी के पैâसले को सिर्पâ सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी जा सकती है. सरकार इस नियम को बदलने की तैयारी में है।