कॉस्मेटिक में नहीं हो जानवरों का इस्तेमाल


उत्पाद पर लगेंगे लाल या हरे निशान
नई दिल्ली । वंâज्यूमर अपेâयर डिपार्टमेंट ने सभी कॉस्मेटिक, टूथपेस्ट और टॉयलेट में इस्तेमाल होने वाले उत्पादों के स्टॉकहोल्डर्स की एक बैठक अगले हफ्ते बुलाई है। इसमें कॉस्मेटिक, टूथपेस्ट और टॉयलेट में इस्तेमाल होने वाले उत्पादों में जानवरों के अवशेष का इस्तेमाल किया गया है या नहीं इसके बारे में जानकारी देने के उत्पादों में लाल, हरे या भूरे रंग की िंबदी लगाए जाने के बारे में उनकी राय ली जाएगी। सूत्रों ने बताया कि महिला एवं बाल विकास मंत्री और पशु प्रेमी मेनका गांधी इस तरह के निशान उत्पादों में लगाए जाने के लिए दबाव बना रही हैं। इसका मकसद है कि इन उत्पादों को उपयोग करने वाले पुरुषों और महिलाओं को पता चल सके कि उनके उत्पाद किस तरह के हैं। वंâज्यूमर अपेâयर डिपार्टमेंट के एक अधिकारी ने बताया कि मेनका गांधी चाहती हैं कि कॉस्मेटिक्स, टूथपेस्ट और टॉयलेट में इस्तेमाल होने वाले उत्पादों पर इस तरह के निशान लगाए जाएं। इससे शाकाहारी लोग अनजाने में जानवरों के अवशेषों से बनाए गए उत्पादों का प्रयोग करने से बच सवेंâगे। जनवरी २०१४ में विभाग ने नोटिफिकेशन जारी किया था, जिसमें कहा गया था कि साबुन, शैंपू, टूथपेस्ट और अन्य कॉस्मेटिक उत्पाद, जिनमें जानवरों के अवशेषों का इस्तेमाल किया जा रहा है, उसमें लाल या भूरे रंग की िंबदी पैकेट पर लगाई जाए। इसके साथ ही जो उत्पाद शाकाहारी लोगों के लिए बनाए जा रहे हैं उन उत्पादों में ऊपरी तरफ हरे रंग की िंबदी लगाई जाए।