कैब पीड़ित ने कंपनी से मांगा 100 करोड़ का मुआवजा


नईदिल्ली । उबर टैक्सी रेप कांड की पीड़ित ने वंâपनी पर केस कर दिया है। पीड़ित महिला का मुकदमा लड़ रहे अमेरिकी वकील ने यह जानकारी दी है। २.५ लाख करोड़ रु की वंâपनी उबर से पीड़ित ने मुआवजे के तौर पर ‘मोटी’ रकम मांगी है। महिला की ओर से मुकदमा न्यू यॉर्वâ की लॉ फर्म विगडर एलएलएपी लड़ रही है। महिला ने कथित तौर पर ६ दिसंबर को हुई घटना के लिए मुआवजा मांगा है। इस घटना के बाद नैशनल वैâपिटल रीजन में टैक्सी ऐप र्सिवसेज पर बैन लग गया था। उबर और दूसरी टैक्सी एग्रीग्रेटर वंâपनियां ओला और टैक्सीफॉरश्योर को संशोधित टैक्सी कानून के हिसाब से चल रही हैं। उनको शहर में टैक्सी र्सिवसेज चलाने के लिए लाइसेंस भी लेना पड़ा है।
लॉ फर्म में पार्टनर डगलस एच विगडर का कहना है कि मेरी क्लाइंट का मकसद यह पक्का कराना है कि ऊबर के टैक्सी ड्राइवर के हाथों कोई और यौन िंहसा का शिकार नहीं हो जाए। इसके अलावा मेरी क्लाइंट को उस घटना के लिए मुआवजा भी मिलना चाहिए, जिसको उबर ने होने दिया। पीड़ित महिला ने १०० करोड़ रु का मुआवजा मांगा है। हालांकि विगडर ने मुआवजे के डीटेल्स नहीं दिए हैं। उबर ने इस बारे में कॉमेंट करने से मना किया है। उबर ने घटना के तुरंत बाद संकेत दिया था कि वह पीड़ित की फाइनैंशल ‘हेल्प’ और रिकवरी में उसकी मदद करने को तैयार है। ऐसा नहीं लगता कि वह मुआवजे के तौर पर इतनी मोटी रकम देने को तैयार होगी, जितनी बड़ी रकम अभी मांगी जा रही है। जिन ४ वकीलों से बात की, उन्होंने कहा कि इस मामले में पीड़ित के दावा हासिल करने में अधिकार क्षेत्र का रोड़ा आ सकता है। चारों वकील इंडिया में प्रौqक्टस करते हैं। विगडर ने आईएमएफ के चीफ डॉमिनिक स्ट्रॉस कान के खिलाफ उस मेड का मुकदमा लड़ा था, जिसने आउट ऑफ कोर्ट सेटलमेंट किया था। उसको लगभग ६० लाख डॉलर का मुआवजा मिला था।
लॉ फर्म निशिथ देसाई असोसिएट्स में पार्टनर वैभव पारिख कहते हैं, ‘अमेरिकी अदालत में मामला ले जाना सही है, लेकिन पीड़ित इंडिया की है जबकि ट्रांजैक्शन करने वाली वंâपनी हॉलैंड की। पीड़िता के वकील सिर्पâ यह दलील दे सकते हैं कि ऊबर की अमेरिकी पैरेंट फर्म को यह पक्का करने के लिए पॉलिसी और प्रोसेस तैयार करना चाहिए था कि उसकी साqब्सडियरी कामकाज के सही तरीके अपनाए।’