केन्द्रीय संयंत्रों से राज्यों को मिलेगी 85 फीसदी बिजली


नई दिल्ली । विद्युत ऊर्जा के क्षेत्र में वेंâद्र सरकार राज्यों को और अधिक आत्मनिर्भर बनाने के लिए वेंâद्रीय विद्युत उत्पादन योजनाओं में राज्यों की भागीदारी को सुनिश्चित करना चाहती है। जिससे वेंâद्र एवं राज्यों के बीच एक नई ऊर्जा समानता सामने आ सकती है। ऊर्जा मंत्रालय राज्यों को उनके क्षेत्र में वेंâद्र की बिजली उत्पादन इकाईयों से ८५ फीसदी ऊर्जा उपलब्ध कराने को इच्छुक हैं। नई पहल योजनाओं के लिए राज्य सरकारों को प्रेरित करने एवं अतिरिक्त ऊर्जा उपलब्ध कराने की उम्मींद से की जा रही है। बिजली की उच्च साझेदारी से राज्य सरकारों से प्रोजेक्ट स्थल पर भूमि अधिग्रहण में सहयोग, पर्यावरण एवं वन मंजूरी, जल आवंटन, विस्थापितों के पुनर्वास तथा कानून व्यवस्था में सहयोग की अपेक्षा है। ताजा पहल से पश्चिम बंगाल, बिहार, आंध्रप्रदेश तेलंगाना को तत्कालिक लाभ मिलने की संभावना है। इन सभी राज्यों ने एनटीपीसी, एनएचपीसी एवं एसजेवीएन बड़े ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना के लिए अलग से प्रयास किया था एवं इन संयंत्रों से ८५ फीसदी बिजली खुद के लिए उपयोग करने की मांग की थी।