केजरीवाल को आलोचना और मुझे चापलूसी पंसद नहीं : आप नेता


नईदिल्ली। आम आदमी पार्टी (आप) में उठते बगावती सुर अब आग में तब्दील होते दिख रहे है। पार्टी में एक के बाद एक आरोप, िंस्टग और अपनों की बेरुखी का सिलसिला चल पड़ा है। प्रशांत भूषण, योगेंद्र यादव, राजेश गर्ग और शाहिद आजाद के बाद अब एक और ‘आप’ नेता राकेश पारिख ने पार्टी की कार्यशैली, बदलती नीति और ‘केजरीवाल वेंâद्रित’ होने का आरोप लगाया है। पारिख ने अपने ब्लॉग पर एक लेख के जरिए पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरिंवद केजरीवाल से कई सवाल किए हैं। ‘अरिंवद “आप” को क्या हो गया?’ शीर्षक से लिखे गए इस लेख में डॉ. राकेश पारिख ने केजरीवाल से सवाल किया है कि क्या पार्टी में अब सवाल पूछने का अधिकार किसी को नहीं है? उन्होंने शांति भूषण का जिक्र करते हुए लिखा है कि क्या ८० साल की उम्र में पार्टी के उस साधारण सदस्य को अपनी राय रखने का अधिकार नहीं है? पार्टी में गुटबाजी पर विरोध प्रकट करते हुए डॉ. पारिख ने चिट्ठी के अंत में लिखा कि वह यह बातें राष्ट्रीय परिषद में रखना चाहते थे, लेकिन उन्होंने अपनी बात कहने तक का मौका नहीं दिया गया।