केजरीवाल की बढ़ी डायबिटीज, हो रहा इलाज का असर


बेंगलुरू। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की रक्तशर्करा का स्तर अभी भी अधिक बना हुआ है लेकिन उनकी बीमारी की प्राकृतिक चिकित्सका का अच्छा असर हो रहा है।
बेंगलूर शहर के बाहरी इलाके में स्थित जिंदल नेचर क्योर इंस्टीट्यूट की मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा। बबीना नंदकुमार का कहना है कि ‘‘हमने केजरीवाल के रक्त की जांच की और उनके रक्त में शर्करा की स्तर बहुत अधिक हैं।’’ आम आदमी पार्टी (आप) के ४६ वर्षीय नेता को उनकी पुरानी खांसी और अनियंत्रित शर्करा स्तर के लिए गत गुरूवार को इस संस्थान में १० दिवसीय प्राकृतिक चिकित्सा के लिए भर्ती कराया गया था। नंदकुमार ने कहा कि पहली बार कल केजरीवाल का कोलोन हाइड्रोथेरेपी की जाएगी जिससे उनके बृहदान्त्र और आंत्र पथ से गैर विशिष्ट विषाक्त पदार्थ निकल जाएंगे। उन्होंने कहा कि कोलोन हाइड्रोथेरेपी ऐसा इलाज है जिसका इस्तेमाल एनीमा की मदद से बड़ी आंत से दूषित पदाथरें को बाहर करने के लिए किया जाता है। उन्होंने कहा कि केजरीवाल पर इस थेरेपी का इस्तेमाल एक दिन छोड़कर ४० मिनट के तीन सत्रों में किया जाएगा।
यह पूछे जाने पर कि क्या उनकी खांसी कम होने के कोई संकेत मिले हैं, उन्होंने कहा कि उसे कम होने में कम से कम एक महीने का समय लगेगा लेकिन उन पर प्राकृतिक चिकित्सा का अच्छा असर हो रहा है। उन्होंने कहा उनकी खांसी और शर्करा स्तर कम होने में कम से कम २१ से ३० दिन का समय लगेगा लेकिन केजरीवाल पर प्राकृतिक चिकित्सका का अच्छा असर हो रहा है।