किराए की कोख कारोबार पर लगेगी रोक


नई दिल्ली। भारत में किराए की कोख के कारोबार पर पूरी तरह रोक लग सकती है। वेंâद्र की ओर से तैयार किए जा रहे एसिस्टेड रिप्रोडाqक्टव टेक्नालॉजी (एआरटी) बिल में बिना संतान वाले जरूरतमंद दंपतियों को छोड़ कर बाकी मामलों में सख्ती बरतने की तैयारी है। विदेशियों पर तो इस लिहाज से प्रतिबंध रखने पर सहमति भी बन चुकी है। विभिन्न मंत्रालयों और संगठनों आदि से हुई बैठकों और चर्चाओं के दौरान यही राय सामने आई है कि विदेशियों को सेरोगेसी के लिए भारत आने की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए। साथ ही पाया गया कि व्यावसायिक सरोगेसी को जारी रखने को लेकर भी गंभीरता से विचार करने की जरूरत है। दुनिया भर में बहुत कम ही देश इसके व्यावसायीकरण की इजाजत देते हैं। एआरटी बिल पर चर्चा हो चुकी है। अब अगले कुछ हफ्तों के अंदर ही इसका अंतिम मसौदा वैâबिनेट के सामने रख दिया जाएगा। साथ ही संसद के अगले सत्र में इसे पेश करने का लक्ष्य तय किया गया है। जिस तरह से एआरटी क्लीनिक गरीब महिलाओं को तय मेहनताने पर दूसरे के लिए गर्भ धारण करने के वास्ते राजी करती हैं,देश में अब तक मिले आंकड़ों से साफ है कि व्यावसायिक रूप से सरोगेट मां के रूप में काम करने वाली महिलाएं बेहद गरीब पृष्ठभूमि से होती हैं, पढ़ी-लिखी नहीं होतीं और यह काम सिर्पâ पैसे के लिए कर रही होती हैं। हालांकि उनको लगता है कि यह उनकी आमदनी का बहुत अच्छा स्त्रोत है, लेकिन जिस तरह का शोषण उनका होता है उसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। कई मामलों में उन्हें महीनों तक बंद कर के रखा जाता है, किसी से मिलने-जुलने नहीं दिया जाता, बात करने भी नहीं दिया जाता। कई मामलों में तो गर्भावस्था के दौरान बहुत गड़बड़ियां हो रही हैं।