कांग्रेस विधायकों से संपर्क में कुछ भी अनैतिक नहीं था : खेतान


नई दिल्ली। खरीद-फरोख्त के आरोपों से इनकार करते हुए आम आदमी पार्टी ने ‘असंतुष्ट’ पार्टी नेता राजेश गर्ग पर पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस विधायकों के साथ संपर्क में रहने में कुछ भी ‘अवैध या अनैतिक’ नहीं है। पार्टी का दावा है कि कांग्रेस विधायक वैसे भी अपने दल से संबंध तोड़ना चाहते थे। आप नेता आशीष खेतान ने पार्टी के इस कदम को जायज ठहराने का प्रयास करते हुए कहा कि इस तरह का राजनीतिक रिएलायनमेंट देश में चलता रहता है और इसे खरीद-फरोख्त नहीं कहा जा सकता। खेतान ने संवाददाताओं से कहा कि खरीद-फरोख्त शब्द का इस्तेमाल करना बहुत कठोर और गैर-जिम्मेदाराना है। हमने उन्हें धन देकर नहीं लुभाया है और न ही कोई लाभ पहुंचाने की पेशकश की है। राजनीतिक रिएलायनमेंट इस देश में नयी बात नहीं है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक रिएलायनमेंट जोड़-तोड़ नहीं है। इस देश में यह सच है जबकि खरीद-फरोख्त गलत है। उन्होंने कहा कि भाजपा और पीडीपी बिलकुल विपरीत विचारधारा के दल हैं, उसके बावजूद उन्होंने जम्मू-कश्मीर में सरकार बनायी है। खेतान ने आरोप लगाया कि भाजपा खरीद-फरोख्त में लगी थी जबकि वे हमेशा से चुनाव के पक्षधर थे। लेकिन केन्द्र में चुनाव कराने की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया। आप नेता आशीष खेतान ने सवाल किए, ‘नए सिरे के चुनाव कराने के लिए कौन राष्ट्रपति के पास जा रहा था और उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर कर रहा था। कौन उपराज्यपाल के पास जा रहा था हम कह रहे थे कि चुनाव होने चाहिए। लेकिन चुनाव ४-६ महीने तक नहीं हुए और इसका कोई संकेत भी नहीं था कि केन्द्र चुनाव सुनिश्चित कराएगा। उन्होंने कहा कि आप जानते हैं कि भाजपा सरकार बनाने के लिए किस तरह के प्रयास कर रही थी। हमने भी दिल्ली भाजपा उपाध्यक्ष शेर सिंह डागर का स्टिंग किया था कि वह किसी को चार करोड़ रूपए की पेशकश कर रहे थे। यह खरीद-फरोख्त है। उन्होंने गर्ग पर पलटवार करते हुए कहा कि वह असंतुष्ट हैं क्योंकि पार्टी ने उन्हें टिकट नहीं दिया था।