कश्मीर के युवाओं को भड़का रहे हैं आतंकी


कश्मीर में आतंकियों को आम जनता के बीच पनाह मिलने की ़खबरों के बीच सेना इस बात को लेकर िंचतित है कि कहीं आतंकवादी कश्मीर के युवओं का भावनात्मक शोषण तो नहीं कर रहे। श्रीनगर में लगातार दो हमलों में शक ये जताया जा रहा है कि स्थानीय लड़के दोनों हमलों में शामिल थे। फिक्र इस बात की हो रही है कि घाटी के नौजवान दोबारा गुमराह हो रहे हैं। माना जा रहा है कि तकरीबन १५ स्थानीय लड़के आतंकवादी हरकतों से जुड़े चुके हैं।
खबरों के अनुसार आईबी ने पिछले हफ्ते सोरा बेमिना ओर डाचीगाम के आतंकवादियों की हरकतों की जानकारी लोकल पुलिस को दी। लोकल पुलिस भी सतर्वâ थी और इलाके में लगातार छानबीन कर रही थी। लेकिन न सिर्पâ हमला हुआ बाqल्क हमले के बाद आतंकवादी फरार भी हो गए। एक मामले में तो वो जवान के हथियार भी ले भागे।
लेकिन घाटी में घुसपैठ को लेकर भी एजेंसियों की राय अलग-अलग है। सेना का कहना है कि घुसपैठ नहीं हो रही है जबकि गृह मंत्रालय का कहना है कि घुसपैठ में १०० फीसदी का इ़जाफा हुआ है। इस बार बर्पâबारी कम हुई इसलिए भी घुसपैठ ़ज्यादा हुई है। पहले चार महीनों में ७० से ज्यादा आतंकवादियों के सीमा पार करने की खबर है।