कमाठीपुरा में पढ़ाने वाली दुनिया के शीर्ष 10 शिक्षकों में शामिल


मुम्बई. रॉबिन चौरसिया देश की इकलौती ऐसी महिला बन गई हैं जो दुनिया के शीर्ष १० शिक्षकों में शामिल हैं. मुंबई के रेड लाइट इलाके कमाठीपुरा में बाqच्चयों को पढ़ाने वाली रॉबिन चौरसिया को यहां तक पहुंचने के लिए कड़ी स्पर्धा से गुजरना पड़ा है. करीब ७,९९० प्रतिभागियों को पीछे छोड़कर वह इस मुकाम तक पहुंची हैं. यौनकर्म के लिए बदनाम कमाठीपुरा की अंधेरी गलियों में शिक्षा की रोशनी बिखेरने वाली रॉबिन देश के शिक्षकों के लिए एक मिसाल बन गई हैं.
क्रांति नाम से एक संस्था चलाने वाली रॉबिन को उनके अनोखे और साहसी काम के लिए ग्लोबल प्राइज फॉर टीचर्स की सूची के टॉप १० में जगह मिली है. इस ग्लोबल प्राइज के लिए दुनिया के १४८ देशों से ८,००० प्रविाqष्टयां आई थीं.
दुनिया के दिग्गज वैज्ञानिक प्रोपेâसर स्टीफन हॉिंकग्स ने लंदन में शीर्ष १० शिक्षकों के नाम की घोषणा करते हुए कहा कि हर महान कलाकार, दार्शनिक और वैज्ञानिक के पीछे एक गुरु होता है. िंजदगी में आने वाली दिक्कतों के दौरान भी गुरु संभालने के लिए खड़े होते हैं.
रॉबिन मुंबई के रेड लाइट इलाके की १२-२० साल तक की बाqच्चयों-किशोरियों को पढ़ाती हैं. इस काम के लिए न तो कोई उन्हें वेतन देता है और न ही कोई उनकी र्आिथक मदद करता है. क्रांति संस्था की संस्थापक रॉबिन अपनी छात्राओं को क्रांतिकारी के नाम से पुकारती हैं. इन छात्राओं में से ज्यादातर सेक्स वर्वâर्स की बेटियां हैं, बहुत सी लड़कियां मानव तस्करी के जरिए मुंबई पहुंची हैं.