ओबामा के भारत दौरे से पहले हमला कर सकते हैं आतंकी : सेना


– स्कूलों और नागरिक इलाकों में हो सकता है हमला
नई दिल्ली। सेना ने गुरुवार को कहा कि उसे कुछ सुराग मिले हैं, जिनमें आशंका जताई गई है कि अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की भारत यात्रा के पहले पाकिस्तान आधारित आतंकी संगठन जम्मू कश्मीर में स्कूलों, धार्मिक स्थलों, सैनिक काफिलों और असैनिक क्षेत्रों जैसे ‘आसान लक्ष्योंÓ को निशाना बना कर हमले कर सकते हैं। आतंकियों की साजिश के मिले सुराग में २६ जनवरी से पहले हमले की आशंका जताई गई है।
सोलहवीं कोर के जनरल आफिसर कमांंिडग लेफ्टिनेंट जनरल केएच ंिसह ने कहा कि पूरी तरह हथियारों से लैस करीब २०० आतंकी पीर पंजाल पहाडिय़ों के दूसरी ओर नियंत्रण रेखा के पार स्थित ३६ घुसपैठ ठिकानों पर इंतजार कर रहे हैं और ऐसी पूरी आशंका है कि पाकिस्तान अपनी धरती पर पनपे इन आतंकी संगठनों के आतंकवादियों को सीमा के इस पार भेजने का प्रयास कर सकता है।
उन्होंने पत्रकारों से कहा कि ऐसी सूचनाएं मिली है कि आतंकवादी स्कूलों, धार्मिक स्थलों ,सेना के काफिलों और अन्य असैनिक इलाकों पर हमले कर सकते हैं। ंिसह ने कहा कि सेना आतंकी संगठनों के किन्हीं भी नापाक इरादों को विफल करने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि पीर पंजाल पहाडिय़ों के पीछे सीमा के पार २०० आतंकी भारत में घुसने के लिए ३६ ठिकानों पर मौजूद हैं। हम अभी तक उनकी इन कोशिशों को विफल करने में सफल रहे हैं। ंिसह ने कहा कि सीमा के उस पार आतंकी ढांचा सक्रिय है और आतंकी संगठनों को वहां की सेना और आईएसआई सहित पाकिस्तान के प्रतिष्ठानों से समर्थन मिल रहा है।
ंिसह ने कहा कि हालांकि वह इस पर बोलने को अधिकृत नहीं हैं, लेकिन भारत के एक नागरिक के तौर पर मैं आपको आश्वस्त करता हूं कि भारत इस तरह की गतिविधि में कभी भी संलिप्त नहीं होता है। उन्होंने कहा कि जम्मू क्षेत्र में आतंकियों की क्षमता में कमी आई है लेकिन, सीमा पार स्थित आतंकी संगठन अभी भी सक्रिय हैं। ऐसे संगठन आतंकियों की गतिविधियों के लिए साजो-सामान और अन्य सुविधाएं मुहैया कराते हैं। गौर हो कि अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबाम २६ जनवरी को गणतंत्र दिवस पर बतौर मुख्य अतिथि शामिल होंगे। इस दौरान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था को अमलीजामा पहनाया जा रहा है।