ओबामा की यात्रा से पहले नाभिकीय संपर्क समूह की बैठक


ईएमएस। अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा की भारत यात्रा से पहले विवादास्पद दायित्व मुद्दे को हल करने के लिए २१ जनवरी को नाभकीय संपर्वâ समूह की बैठक होगी। बैठक में भारत एवं अमेरिका एक बार और निर्णायक पहल का प्रयास करेंगे। दोनों देशों के बीच असैन्य नाभिकीय सहयोग का शीघ्र क्रियान्वयन करने के लिए अमेरिका में राष्ट्रपति बराक ओबामा एवं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बैठक के बाद पिछले साल स्थापित किए गये संपर्वâ समूह की तीसरी बैठक होगी। मोदी -ओबामा की मुलाकात के पहले परमाणु समझौते के लिए जमीन तैयार करना संपर्वâ समूह को आखिरी मौका होगा। भारत द्वारा अमेरिका की दो न्यूक्लियर पावर वंâपनियों को दो नाभकीय रियेक्टरों के लिए आंध्रप्रदेश एवं गुजरात में जगह उपलब्ध कराए जाने के बावजूद नाभिकीय अनुबंध को लेकर अभी भ्रम की स्थिति है। अमेरिका को असैन्य नाभिकीय अनुबंध की वचनबद्धता के बारे में सहमत करने के लिए भारत सरकार संपर्वâ समूह की बैठक में एक सफलता सुनिश्चित करना चाहती है। ओबामा की भारत यात्रा को एक वूâटनीति तख्तापलट के रूप में देखा जा रहा है क्योंकि अमेरिका के पाकिस्तान के साथ संबंध जगजाहिर है। नाभिकीय दुर्घटना के मामले में आपूर्तिकर्ताओं को मुआवजा दिलाने के लिए नाभिकीय बीमा पूल स्थापित करने के लिए भारत को अमेरिका के जबाव का इंतजार है। नाभिकीय दुर्घटना की स्थिति में सप्लायर्स को क्षतिपूर्ति दिलाए जाने के विवादस्पद नाभिकीय दायित्व कानून के ऊपर अमेरिका ने इसे अधिक जरूरी माना था। भारतीय अधिकारियों ने पहले ही कहा था कि लायवेलिटी ला में छेड़छाड़ नहीं की जा सकती है ऐसे में इंस्योरेंस पूल बेहतर विकल्प होगा। सरकार ने राज्य के स्वामित्व वाले भारतीय जनरल इंस्योरेंस कार्पोरेशन को पूल तैयार करने के लिए दायित्व सौंपा था जिसका सप्लायर्स को बीमा कवर उपलब्ध कराने के लिए उपयोग किया जाएगा।