ओबामा की यात्रा का विरोध करेंगे वाम दल


नई दिल्ली। वाम दलों ने गणतंत्र दिवस पर अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा की यात्रा के खिलाफ में २४ जनवरी को राष्ट्रव्यापी विरोध करने का निर्णय लिया है। चारों वाम दलों के नेताओं के बीच चर्चा के बाद यह निर्णय लिया गया है। वाम दलों का भारतीय कम्यूनिष्ट पार्टी (एम-एल) तथा भारतीय समाजवादी एकता वेंâद्र (एसयूसीआई) के बीच लंबे समय से गठबंधन है। चुनावों में वाम दलों के कमजोर प्रदर्शन के समय में इसे एक जुटता के बारे में कवायद भी माना जा रहा है। सीपीआई (एम), सीपीआई, आरएसपी, फारवर्ड ब्लाक, सीपीआई (एम-एल) तथा एसयूसीआई ने संयुक्त बयान में कहा कि यह एक बड़ी विडंम्बना है कि जो दिन भारत की स्वतंत्रता एवं संप्रभुता का प्रतीक है उस दिन विश्व के कई देशों के संप्रभुता को नष्ट करने वाले देश का मुखिया शोभा बढ़ाने जा रहे हैं। वाम दलों का आरोप है कि बराक ओबामा अपने देश के हित में भारत की नीतियों में बदलाव का दबाव बनाएंगे। वाम दल अमेरिका द्वारा भारत पर फिलीस्तीन, इजरायल एवं ईरान की विदेशी नीति पर दबाव बनाने जैसी नीतियों को लेकर विरोध की योजना बना रहे हैं। इसके अलावा वित्तीय क्षेत्र में अमेरिका के हित में पेटेंट व्यवस्था, सार्वजनिक खरीदी को कमजोर करके राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना को त्यागना एवं सार्वजनिक वितरण प्रणाली तथा असैन्य परमाणु दायित्व कानून के अतिरिक्त श्रम एवं पर्यावरण कानून को कमजोर बनाने इत्यादि को लेकर वाम दल अमेरिका के राष्ट्रपति की भारत यात्रा का विरोध करेंगे।