उप-मुख्यमंत्री नहीं बनाने से रमई राम नाराज


पटना। बिहार में नीतीश कुमार मंत्रिमंडल के वरिष्ठ मंत्री रमई राम ने मंगलवार को अनिच्छा दिखाते हुए परिवहन विभाग का कार्यभार संभाल तो लिया है लेकिन साथ ही संकेत दिए है कि वह विश्वास मत के बाद कुछ निर्णय लेंगे। बताया जा रहा है कि रमई राम उपमुख्यमंत्री पद की आस लगाए हुए थे। रमई राम पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी की सरकार के दौरान भी परिवहन विभाग संभाल रहे थे। मांझी के समय रमई का मंत्रिमंडल में छठा स्थान था और नीतीश के मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री के बाद रमई दो अन्य मंत्रियों विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव के बाद चौथा स्थान रखते हैं।
दलित नेता और मुजफ्फरपुर जिले के बोचहा विधानसभा क्षेत्र से आठ बार विधायक रहे रमई ने कहा कि उन्होंने दु:खी मन से कार्यभार संभाल लिया है। हम सरकार के विश्वास मत हासिल करने के बाद कुछ निर्णय लेंगे। वर्ष २०१० में जदयू में शामिल होने के पूर्व १९८० से जनता पार्टी, लोकदल और राजद से भी विधायक रहे रमई ने कहा कि उन्हें उपमुख्यमंत्री बनाने का वादा किया गया था जिसे पूरा नहीं किया गया और इसको लेकर अपनी नाराजगी उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को व्यक्त कर दी है।