उप-चुनाव के नतीजों ने बढ़ाईं वसुंधरा की मुश्किल, विकल्प की तलाश शुरू


नई दिल्ली (ईएमएस)। अलवर और अजमेर लोकसभा और मांडलगढ़ विधानसभा पर हुए उप-चुनाव में भाजपा की हार अब मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के लिए मुसीबत बन गई है। सूत्रों के अनुसार राजस्थान की तीनों सीटों पर हुई हार को लेकर भाजपा आलाकमान अब उनसे रिपोर्ट तलब कर सकता है। सूत्रों के अनुसार केंद्रीय नेतृत्व ने अब राज्य में उनके विकल्प की तलाश शुरू कर दी है। उल्लेखनीय है कि हाल ही में हुए उप-चुनाव में कांग्रेस अलवर सीट से 1 लाख 96 हजार, अजमेर सीट से 86 हजार और मांडलगढ़ विधानसभा सीट से 13 हजार वोटों से जीती है। चुनाव एक्सपर्ट यशवंत देशमुख के हार जीत के गणित के आधार पर अगले साल होने वाले राज्य विधानसभा चुनाव में भाजपा को राज्य की 200 सीटों में से केवल 53 सीटों पर ही जीत मिलेगी। उनके अनुमान के अनुसार कांग्रेस को 140 सीटें मिलेंगी। यही वजह है कि हार के बाद पार्टी में वसुंधरा का विरोध तेज हो गया। सूत्रों के अनुसार अगर वसुंधरा को हटाया गया तो अगला मुख्यमंत्री कोई सांसद हो सकता है। राजस्थान विधानसभा का चुनाव 2019 के लोकसभा चुनाव से ठीक पहले होना है।