उच्चतम न्यायालय में एक साल से रूका है, निर्भया पर फैसला


नईदिल्ली।बीबीसी द्वारा निर्भया की विवादित डाक्यूमेंट्री का ब्रिटेन में प्रसारण के बाद सामूहिक दुष्कर्म एवं हत्या का यह मामला फिर से सुखर््िायों में है।लेकिन यह मामला उच्चतम न्यायालय में पिछले एक वर्ष से रूका हुआ है।फास्ट ट्रैक कोर्ट और हाई कोर्ट के बाद निर्भया केस फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में है जहां १५ मार्च २०१४ को केस की पिछली सुनवाई हुई थी।अब सुप्रीम कोर्ट बार असोसिएशन के अध्यक्ष दुष्यंत दवे ने सर्वोच्च न्यायालय को याद दिलाया है कि यह एक जरूरी मामला है जिस पर सुनवाई होनी चाहिए।फास्ट ट्रैक कोर्ट में इस केस की सुनवाई १७ जनवरी २०१३ को शुरू हुई थी। सिर्पâ आठ महीने में अदालत ने सुनवाई पूरी करके पैâसला सुना दिया था। इसके तहत दोषियों को मौत की सजा सुनाई गई।मामला हाई कोर्ट में गया जहां सिर्पâ छह महीने की सुनवाई के बाद सजा को बरकरार रखा गया। १५ मार्च २०१४ को सुप्रीम कोर्ट में मामले की पहली सुनवाई हुई और अगली तारीख तक के लिए टाल दी गई। अब तक अगली तारीख नहीं दी गई है।सुप्रीम कोर्ट ने अभी दोषियों की सजा के अमल पर रोक लगा दी है। २५ अगस्त २०१४ को सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर इस बारे में एक आदेश जारी किया गया था। इसके मुताबिक नए नियमों के मुताबिक इस मामले की सुनवाई तीन जजों की बेंच के समक्ष होनी है।