ई-टिकट कैंसिलेशन पर रिफंड अब रेल्वे काउण्टर से ही मिलेगा


्ननई दिल्ली। ई-टिकट कैंसिलेशन के नाम पर हो रही दलालों की जालसाजी और कई चतुर मुसाफिरों की धोखाधड़ी पर रेलवे नकेल कसने की कार्रवाई के तहत रेलवे ने ई-टिकट निरस्तीकरण के नाम पर होने वाले ऑटोमैटिक रिफंड को बंद करने का पैâसला कर लिया है। इस बारे में जल्द ही रेल मंत्रालय की ओर से सूचना जारी की जाएगी।
गौरतलब है कि रेलवे ने पिछले कुछ माह की समीक्षा के दौरान पाया कि ई-टिकट बुक करने वाले दलालों का एक बड़ा रैकेट बड़ी चतुराई से रेलवे को चूना लगा रहा है। रेलवे बोर्ड के मेंबर ट्रैफिक एके शुक्ला का कहना है कि इस जालसाजी को रोकने के लिए ही ऑटोमैटिक रिपंâड को बंद किया जा रहा है। अब ट्रेन छूटने से दो से तीन घंटे पहले बनने वाले रिजर्वेशन चार्ट के बाद ई-टिकट वैंâसिलेशन पर ऑटोमैटिक रिपंâड नहीं होगा। किसी सही यात्री को इससे असुविधा का सामना नहीं करना पड़े इसके लिए ई टिकट वैंâसिलेशन पर रिपंâड की व्यवस्था रेलवे काउंटर पर की जाएगी। शुक्ला के अनुसार इसी तरह वैंâसर मरीजों के नाम पर दलाल छोटे अस्पतालों से फर्जी वैंâसर मरीज का सर्टीफिकेट बनवाकर ५० प्रतिशत छूट का फायदा उठा रहे हैं। इसे रोकने के लिए रेलवे वैंâसर मरीजों को यूनीक आईडी नंबर देगा।
विदित हो कि दलाल की ओर से मुसाफिर को ई-टिकट देने के बाद जैसे ही रिजर्वेशन चार्ट में उसका नाम चढ़ता था, उसके बाद या फिर ट्रेन छूटने के बाद उस टिकट को रद कर दिया जाता था, जिससे उसका २० से ५० प्रतिशत का ऑटोमैटिक रिपंâड दलाल के खाते में आ जाता था। यही नहीं कई मुसाफिर भी इस घटना को आसानी से अंजाम दे रहे थे। यात्रा शुरू होते ही अपने मोबाइल या लैपटॉप से ई-टिकट को रद कर दिया जाता था।