आतंकवाद के डर से अमरनाथ भक्तों की संख्या घटी


अलीगढ़। अमरनाथ दर्शन करने वालों की संख्या में इस साल गिरावट आई है। आतंकवाद और पूर्व में केदारनाथ त्रासदी के खौफ के चलते इस बार महज १६०० ही रजिस्ट्रेशन हो पाए हैं। इस बार दो जुलाई से अमरनाथ की यात्रा शुरू होनी है। अमरनाथ यात्रा पर जाने वाले भक्तों की संख्या जिले में खासी है। विभिन्न सेवार्थ संगठनों की ओर से ले जाई जाने वाली बस से श्रद्धालु जाते हैं। हालांकि दर्शन करने वाले भक्तों को अमरनाथ श्राइन बोर्ड से पूर्व में ही रजिस्ट्रेशन कराना होता है। बैंक में फार्म और फीस जमा करने के बाद रजिस्ट्रेशन मान्य होता है। इस बार दो जुलाई से १८ अगस्त तक बाबा अमरनाथ के दर्शन होंगे। अमरनाथ यात्रा संगठन से जुड़े पदाधिकारियों के अनुसार केदारनाथ त्रासदी के बाद से श्राइन बोर्ड ने नए नियम लागू कर दिए हैं। अब एक दिन में १०० श्रद्धालुओं को ही जाने की इजाजत होती है। जिसमें श्रीनगर पहुंचने के बाद ५० बालटाल और ५० पहलगाम पहुंचते हैं। वहीं जो भंडारे अमरनाथ के लिए जाते हैं। उनके साथ भी ५० से अधिक लोगों के जाने की इजाजत नहीं है। हैलीकॉप्टर से बाबा अमरनाथ यात्रा के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं के रजिस्ट्रेशन २५ जून से होंगे। इसके लिए श्रीनगर हाईवे पर अमरनाथ श्राइन बोर्ड का ऑफिस खुलेगा। जहां से सीधे रजिस्ट्रेशन हो सवेंâगे। श्री अमरनाथ सेवा मंडल के प्रधान सेवादार पंकज वाष्र्णेय ने बताया कि बाबा अमरनाथ यात्रा पर जाने वाले भक्तों की संख्या पिछले साल की तुलना में इस साल घटी है। दो से १७ जुलाई तक के लिए कुल १६०० रजिस्ट्रेशन हो पाए हैं।