आखिर दिल्ली शिफ्ट हुए केजरीवाल


नईदिल्ली। मुख्यमंत्री अरिंवद केजरीवाल गाजियाबाद से दिल्ली शिफ्ट हो गए हैं। मंगलवार देर शाम वह अपने परिवार के साथ दिल्ली के लिए रवाना हुए। केजरीवाल का सामान पहले से ही धीरे धीरे दिल्ली शिफ्ट हो रहा था। उधर, केजरीवाल के कौशांबी से जाने के बाद उनके पड़ोसियों को शांति मिली है। स्थानीय निवासियों ने बताया कि केजरीवाल के यहां रहने से पूरी कॉलोनी के लोग प्रभावित हो रहे थे। मुख्यमंत्री की वजह से कौशांबी में उनके घर के आस-पास लोगों की भीड़ लगी रहती थी। हर समय नारेबाजी होने के कारण वहां के लोगों की शांति खत्म हो गई थी। संभवत: शििंफ्टग के चलते केजरीवाल को पार्टी कार्यालय पहुंचने का समय नहीं मिला होगा। ऐसे में वहां लगने वाला जनता दरबार बुधवार को मुख्यमंत्री केजरीवाल के बिना ही लगा। पार्टी कार्यकर्ता और दिल्ली के अधिकारियों ने लोगों की समस्याओं को सुना। जनता दरबार में करीब ५० लोग शिकायत लेकर पहुंचे थे। इनमें दिल्ली की सरकारी लैबोरेटरी में अनुबंधित कर्मचारी नौकरी से निकाले जाने की शिकायत लेकर पहुंचे। इतना ही नहीं केजरीवाल से मिलने आने वाले लोग सड़कों पर उल्टे-सीधे तरीके से गाड़ियां खड़ी कर देते थे, जिससे वहां से गुजरने वालों को भी परेशानी होती थी। उधर, प्रशांत भूषण और योगेंद्र यादव को लेकर पीएसी ने बुधवार रात सीएम अरिंवद केजरीवाल के आवास पर हुई बैठक की। बैठक में पैâसला किया गया कि दोनों नेताओं के साथ संवाद जारी रखेगी। माना जा रहा था कि पार्टी में आंतरिक लोकतंत्र को लेकर सवाल खड़े करने वाले दोनों नेताओं को राष्ट्रीय कार्यकारिणी से भी हटाया जा सकता है, जिसका प्रस्ताव पार्टी की २८ मार्च को होने वाली राष्ट्रीय परिषद की बैठक में लाया जा सकता है।
सेंट्रल टैक्स के मामले में न हो सौतेला व्यवहार : केजरीवाल
नई दिल्ली। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने विधानसभा में कहा कि केंद्र सरकार सेंट्रल टैक्स में हिस्सा देने में उनके साथ सौतेला व्यवहार कर रहा है। दिल्ली के लोग इनकम टैक्स और सर्विस टैक्स के रूप में केंद्र सरकार को ६५,००० करोड़ रूपए देते हैं और बदले में दिल्ली को सेंट्रल टैक्स से केवल ३२५ करोड़ रूपए मिलते हैं। अगर केंद्र सरकार दिल्ली को ज्यादा राशि देगी तो दिल्ली सरकार उल्टे केंद्र सरकार को ज्यादा कमा कर देगी। केजरीवाल ने कहा कि पहले दिल्ली के व्यापारियों पर जमकर रेड होती थीं, इन रेड से खफा होकर ही व्यापारियों ने हमें चुना। हम उनकी समस्याओं को पूरी तरह से हल करेंगे। व्यापारियों को राहत देने के लिए वैट कानून में संशोधन किया गया और उन्हें रिफंड की कैरी फारवर्ड सुविधा दी गई। आने वाले समय में भी अगर व्यापारियों के लिए कोई कानून परेशानी खड़ा करता है उसमें संशोधन करेंगे। केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में १० लाख व्यापारी हैं, लेकिन वैट कलेक्शन का ७५ फीसदी हिस्सा करीब १२०० व्यापारियों से आता है बाकी के २५ फीसदी में सारे व्यापारी आते हैं। उन्होंने व्यापारियों से अपील की कि जिस तरह से वे धर्मशाला या मंदिरों के लिए दान देते हैं वैसे ही दिल्ली सरकार को टैक्स के रूप में दें। यह भी देश सेवा है। केजरीवाल ने कहा कि वे व्यापारियों की सुविधा के लिए एक इन्फर्मेशन नेटवर्क बना रहे हैं। इसमें व्यापारियों का डेटा तैयार किया जाएगा। अगर कोई व्यापारी टैक्स नहीं देता तो उसे एक सिंपल नोटिस भेजा जाएगा।