अर्थव्यवस्था के साथ चीन से आगे होगा भारत


० भारत की ग्रोथ रेट ७.४ फीसदी
नईदिल्ली। वित्त वर्ष २०१४-१५ के दौरान प्रति व्यक्ति शुद्ध राष्ट्रीय आय ८८,५३८ रुपये रहने का अनुमान है जो पिछले वर्ष की ८०,३८८ रुपये के मुकाबले १०.१ फीसदी बढ़ी है। बताया जा रहा है कि भारत की अर्थव्यवस्था ७.४ फीसदी की दर से बढ़ेगी। इस रफ्तार का मतलब होगा कि भारत चीन को पीछे छोड़कर दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बन जाएगा। अब तक धीमी रफ्तार दिखा रहे आंकड़ों में यह बदलाव गणना के तरीकों में बदलाव के बाद आया है। अक्टूबर से दिसंबर के बीच ७.५ फीसदी की दर से हुई बढ़ोतरी से भारतीय अर्थव्यवस्था में यह मजबूती आई है। २०१०-११ के बाद यह सबसे तेज रफ्तार है। उस साल इकॉनमी की रफ्तार ८.७ फीसदी रही थी। हालांकि गणना के तरीकों को लेकर कुछ लोग आपत्ति दर्ज करा रहे हैं। २०१०-११ में जीडीपी की गणना पैâक्टर कॉस्ट के आधार पर की गई थी। अब यह गणना ाqस्थर कीमत के आधार पर हो रही है जिसमें वस्तुओं और सेवाओं के साथ-साथ इनडायरेक्ट टैक्स में होने वाला बढ़ोतरी भी शामिल की जाती है। गणना के लिए पहले २००४-०५ को बेस इयर माना गया था जो अब २०११-१२ हो गया है। इसी के जरिए पिछले महीने साांqख्यकी मंत्रालय ने पिछले साल की विकास दर के अनुमान को ४.७ फीसदी से बढ़ाकर ६.९ फीसदी कर दिया था।
इस पर आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन ने भी सफाई मांगी थी। हालांकि वाणिज्य एवं उद्योग मंडल एसोचैम ने कहा कि र्आिथक वृद्धि गणना में किया गया बदलाव भ्रमित करने वाला है क्योंकि निवेश गतिविधियों में अभी तेजी नहीं आई है। कच्चे तेल के दाम में भारी गिरावट के बावजूद उपभोक्ता मांग नहीं बढ़ी है। सरकार द्वारा मंगलवार को जारी अग्रिम अनुमानों में वित्त वर्ष २०१४-१५ के दौरान प्रति व्यक्ति शुद्ध राष्ट्रीय आय ८८,५३८ रु रहने का अनुमान है जो पिछले वर्ष की ८०,३८८ रु के मुकाबले १०.१ फीसदी बढ़ी है। जीडीपी के अग्रिम अनुमानों में जिन क्षेत्रों का बेहतर योगदान रहा है उनमें विनिर्माण क्षेत्र की ६.८ प्रतिशत वृद्धि प्रमुख रही है। इसके अलावा अधिकतर सेवाओं में भी सात प्रतिशत से अधिक वृद्धि दर्ज की गई। वित्तीय सेवायें, रीयल एस्टेट, होटल और परिवहन क्षेत्र में सात प्रतिशत से अधिक वृद्धि दर्ज की, हालांकि कृषि क्षेत्र में १.१ प्रतिशत की अनुमानित वृद्धि पिछले वित्त वर्ष में हासिल ३.७ प्रतिशत के मुकाबले काफी कम रही है। भारत और चीन की अर्थव्यवस्था के बीच तुलना के बारे में पूछे गये एक सवाल के उत्तर मे वेंâद्रीय सााqख्यकी कार्यालय के महानिदेशक अशीष कुमार ने कहा कि यह कोई सौंदर्य प्रतियोगिता नहीं है। चीन की अर्थव्यवस्था भारत के मुकाबले ४-५ गुना बड़ी है। उन्होंने कहा कि ७ फीसदी से अधिक की र्आिथक वृद्धि हासिल करने के बावजूद चीन के आकार की अर्थव्यवस्था की बराबरी करने में २० से ३० साल लग सकते हैं।