अमेरिका ने पाक की मदद से किया इंकार 


० नहीं दिया पाक को आतंक से लड़ने का र्सिटफिकेट
नईदिल्ली । एक ओर जम्मू-कश्मीर सीमा पर हो रही गोलीबारी के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। सीजफायर उ¼ंघन की ओट में घुसपैठ की वारदात भी सामने आ रहा है, वहीं अमेरिका ने उन खबरों का खंडन किया है, जिसमें पाकिस्तान पर मेहरबानी दिखाने और आतंकवाद से निपटने का र्सिटफिकेट दिए जाने की बात कही गई है। अमेरिका ने कहा कि उसने पाकिस्तान को आतंकवाद विरोधी अभियानों के लिए कोई प्रमाण-पत्र नहीं दिया। अमेरिकी विदेश मंत्रालय का कहना है कि वर्ष २०१३ के बाद पाकिस्तान को कोई पंâड जारी नहीं किया है। भारत-पाक में बढ़ते तनाव को पाटने के लिए बातचीत को अहम बताते हुए अमेरिका ने कहा कि वह दोनों दक्षिण एशियाई पड़ोसियों के बीच बातचीत को प्रोत्साहन देता है।
० कल के बाद आज पलटा अमेरिका
अमेरिकी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता जेन साकी ने सोमवार को कहा कि निाqश्चत रूप से हम दोनों देशों के बीच बातचीत का समर्थन करते हैं। बीते बरस कुछ कदम उठाए गए हैं और जैसा कि आप जानते हैं, यहां कई सकारात्मक बदलाव हुए हैं। निाqश्चत तौर पर, अभी और काम किया जाना बाकी है। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों ने अपने परिजनों को खोया है, उनके साथ हमारी संवेदनाएं हैं। सीमा पर तनाव को लेकर निाqश्चत रूप से हमारी िंचता बनी हुई है और हम ाqस्थति पर नजर रख रहे हैं। हम दोनों देशों के बीच बातचीत को प्रोत्साहन देते हैं।
गौरतलब है कि इससे पहले खबर आई थी कि अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन केरी ने पाकिस्तान सरकार को अल कायदा, लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई करने का र्सिटफिकेट दिया है। जॉन केरी के इस र्सिटफिकेट से पाकिस्तान ‘केरी-लुगार बिल’ के तहत अमेरिका से सहायता पैकज पाने का हकदार हो गया है। इस बिल में आतंक के खिलाफ कार्रवाई को महत्वपूर्ण शर्त माना गया है, जिसकी र्पूित के बाद ही अमेरिका से र्आिथक सहायता को हरी झंडी मिलती है।