अब श्रद्धालु बिना ई-टोकन के नहीं कर पाएंगे महाकाल का दर्शन


उज्जैन। मध्य प्रदेश के उज्जैन में ाqस्थत महाकालेश्वर मंदिर भारत के बारह ज्योतिा\लगों में से एक है। यहां की व्यवस्थाएं और अधिक हाईटेक होने वाली है। एक खबर के अनुसार अब महाकाल दर्शन के लिए श्रद्धालुओं को मंदिर के बाहर एवं रेलवे, बस स्टैंड सहित शहर के प्रमुख स्थानों पर काउंटरों से ई-टोकन लेना होगा।
इस टोकन के माध्यम से ही श्रद्धालु मंदिर में प्रवेश करेंगे। बता दें, िंसहस्थ २०१६ से पहले इसका ट्रायल होगा। िंसहस्थ में इसे लागू करेंगे या नहीं, यह भीड़ की ाqस्थति पर निर्भर होगा। मंदिर प्रशासन ने इसके संचालन के लिए बाकायदा देश की वंâपनियों से टेंडर आमंत्रित किए है। जो अगले माह १८ फरवरी को खोले जाएंगे। मार्च में ट्रायल करेंगे।
मंदिर में प्रवेश के टोकन प्रâी रहेंगे और इसमें मंदिर समिति भी कोई खर्च नहीं करेगी। वंâपनी टेंडर लेगी वह टोकन के पीछे सरकारी विज्ञापन छाप कर कमाई कर सवेंâगे। वंâपनी को ३ वर्ष का टेंडर देंगे।श्रद्धालु काउंटर पर जाएगा। कर्मचारी वेब वैâमरों से फोटो लेंगे। नाम-पते लेकर टोकन जारी करेंगे। टोकन पर फोटो व दर्शन का निर्धारित समय देंगे। टोकन पर समय अनुसार ही मंदिर पहुंचना होगा। कुछ समय इसमें छूट रहेगी लेकिन इसके बाद यह समाप्त हो जाएगा। हालांकि दूसरा टोकन ले सवेंâगे। श्रद्धालु इंट्री गेट पर टोकन को स्वैâन करेगा और गेट खुल जाएंगे। पंडे-पुजारी, अधिकारी-कर्मचारी और मीडियार्किमयों को स्थाई टोकन देंगे।