अनंतनाग में उपचुनाव से पहले हिजबुल मुजाहिदीन का आतंक


श्रीनगर । जम्मू-कश्मीर की अनंतनाग में विधानसभा के उपचुनाव होना है। यह सीट पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद के आकस्मिक निधन होने के बाद खाली हुई है। यहां उनकी बेटी और मौजूद मुख्यमंत्री मेहबूबा मुफ्ती मोहम्मद चुनाव लड़ रही है। चुनाव को लेकर यहां आतंक का साया है। यहां आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिद्दीन ने पर्चे चिपकाकर विरोध जताने के लिए कहा है।
जानकारी के अनुसार आतंकी संगठन ने शनिवार को अनंतनाग में पोस्टर लगाकर लोगों को २२ जून को होने वाले विधानसभा उपचुनाव में मतदान से पूरी तरह दूर रहने का फरमान सुनाया है। आतंकी संगठन ने मौलवियों व उलमा से भी कहा है कि वह अपने वैचारिक मतदभेद भूलकर कौम को इस्लाम का पाठ पढ़ाते हुए जिहाद के लिए वेंâद्रित करें। इब्ने कासिम नामक आतंकी कमांडर की मुहर से जारी हुए इन पोस्टरों में लोकतंत्र, समाजवाद व धर्मनिरपेक्षता को इस्लाम के खिलाफ बताया गया है। साथ ही कहा गया है कि गैर इस्लामी तरीका अपनाने वाला घाटे में रहेगा। इसलिए लोगों को इस्लाम के निजाम-ए-रहमत के साये तले िंजदगी गुजारनी चाहिए। पोस्टर में कश्मीरी मुाqस्लमों को संबोधित करते हुए लिखा गया है कि िंहदुस्तान ने आज तक हमारे पांच लाख से ज्यादा लोगों को मारने के अलावा हजारों बच्चों को यतीम बनाया है। हमारे कई नौजवान जेलों में बंद हैं। आज िंहदुस्तान ने फिर से चुनाव का बिगुल बजाया है और अपने गुलामों व एजेंटों को मैदान में उतारकर लोगों से वोट की भीख मांगने के लिए भेजा है। ऐसे सियासी बाजीगरों से होशियार रहना चाहिए। पोस्टर में लिखा गया है, कश्मीरी मुसलमानों, कब तक आप हिदुस्तान की गुलामी करते रहोगे। इसलिए अपनी गलतियों पर शा\मदा हो जाओ। अल्लाह से माफी मांगो और चुनाव बहिष्कार करो।
पोस्टर के अंत में लिखा गया है कि हिजबुल मुजाहिद्दीन जम्मू-कश्मीर ने पैâसला लिया है कि जो कोई भी चुनाव में हिस्सा लेगा या वोट डालेगा या चुनावी प्रक्रिया में किसी तरह भाग लेगा। वह अपने हश्र का खुद जिम्मेदार होगा, हम नहीं।